महिला महाविद्यालय हल्द्वानी में नमामि गंगे के अंतर्गत आयोजित गंगा स्वच्छता पखवाड़े के तहत प्राचार्य प्रो० आभा शर्मा की अध्यक्षता में मेंहदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मक कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए मेंहदी की सुंदर आकृतियों के माध्यम से स्वच्छ गंगा और स्वच्छता के महत्व का प्रभावी संदेश दिया। छात्राओं द्वारा बनाए गए डिजाइनों में गंगा संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता तथा स्वच्छता के विभिन्न प्रतीकों को बड़ी सुंदरता के साथ प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रो० आभा शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार मेंहदी का रंग अपने सौंदर्य और गहराई से मन को आकर्षित करता है और लंबे समय तक अपनी छाप छोड़ता है, उसी प्रकार स्वच्छता की भावना भी प्रत्येक नागरिक के मन और व्यवहार में स्थायी रूप से बसनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प ले, तो न केवल हमारा परिवेश स्वच्छ होगा बल्कि गंगा और अन्य जल स्रोतों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।
नोडल अधिकारी डॉ० रितुराज पंत ने अपने वक्तव्य में कहा कि मेंहदी प्रतियोगिता जैसे रचनात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर ही नहीं देते, बल्कि सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं ने अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से यह संदेश दिया है कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं बल्कि जीवन शैली है। जब युवा पीढ़ी अपनी कला, विचार और व्यवहार में स्वच्छता को स्थान देती है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देने लगता है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ० गीता पंत द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ० फकीर सिंह, डॉ० रेखा जोशी, डॉ० हिमानी तथा डॉ० प्रभा साह सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।
