लखनऊ, राजेंद्र तिवारी। सपा के वरिष्ठ नेता और मौजूदा बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामगोविंद चौधरी का शुक्रवार की रात 9 बजे पीजीआई में निधन हो गया। वह लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। हालत गंभीर होने के बाद उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया गया था। वह बलिया जिले की बांसडीह और चिलकहर विधानसभा सीट से आठ बार विधायक रहे हैं।
पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमान ने श्री चौधरी के निधन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि राम गोविंद चौधरी कई दिनों से संस्थान के पोस्टऑपरेटिव आईसीयू में भर्ती थे। विशेष चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। उन्हें मधुमेह, उच्च रक्तचाप समेत कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें थीं। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही थी। शुक्रवार को उनके निधन की सूचना मिलते ही अस्पताल में परिवार के सदस्यों और करीबियों का पहुंचना शुरू हो गया। रामगोविंद चौधरी बलिया के बांसडीह से कई बार विधायक रहे और 2017 से 2022 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। वह सपा सरकारों में मंत्री भी रह चुके थे। सपा में वह राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। निधन की खबर से सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में उनके समर्थक और परिचित पीजीआई पहुंचे। गौरतलब है कि सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के गोसाईंपुर में जन्मे रामगोविंद चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्रसंघ से की थी। वर्ष 1972 में वह टीडी कॉलेज में महामंत्री और वर्ष 1974 में छात्रसंघ अध्यक्ष निर्वाचित हुए। विधायक रहते हुए उन्होंने कानून की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से हासिल की। वर्ष 1977 में पहली बार जिले की चिलकहर विधानसभा सीट से जनता पार्टी के टिकट पर विधायक बने। वहां से वे पांच बार विधायक चुने गए। इसके बाद वर्ष 2002, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में बांसडीह विधानसभा सीट से तीन बार विधायक बने। रामगोविंद चौधरी तीन बार प्रदेश सरकार में मंत्री तथा एक बार नेता प्रतिपक्ष भी रहे। वर्ष 1990 में पहली बार मुलायम सिंह यादव की सरकार में उद्यान प्रसंस्करण मंत्री रहे, जबकि वर्ष 2003 में बाल विकास पुष्टाहार मंत्री बने। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में रामगोविंद चौधरी ने वर्ष 2012 से 2017 तक बेसिक शिक्षा व बाल विकास पुष्टाहार मंत्री का पद भी संभाला। जबकि वर्ष 2017 से 2022 तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। चौधरी वर्ष 2000 में सपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
