वाराणसी, राजेंद्र तिवारी। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय 39 जीटीसी में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती श्रद्धा और गरिमा मनाई गई। इस दौरान छात्रों और शिक्षकों ने बाबा साहेब के आदर्शों और उनके संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेकर उनके रास्ते पर चलने की शपथ ली।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंद्र भूषण प्रकाश वर्मा ने बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो के प्रेरक उद्घोष से छात्रों को प्रेरित किया। प्राचार्य डॉ. वर्मा ने संबोधन में बाबा साहेब के जीवन, उनके संघर्ष, उनके विचारों और उनके योगदान पर चर्चा करते हुए कहा कि बाबा साहेब का जीवन हमें यह सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियां चाहे कितनी ही कठिन क्यों न हों, यदि हमारे भीतर दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और शिक्षा का प्रकाश है, तो हम हर बाधा को पार कर सकते हैं। उन्होंने केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के उत्थान के लिए संघर्ष किया। उनका जीवन सामाजिक परिवर्तन की एक ऐसी गाथा है, जो हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त हथियार माना। आज के समय में जब हम आधुनिकता और तकनीक की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, तब यह और भी आवश्यक हो जाता है कि हम शिक्षा को केवल अंक प्राप्त करने का साधन न मानें, बल्कि उसे अपने व्यक्तित्व के विकास और समाज के कल्याण का माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा कि आप सभी छात्र-छात्राएं देश का भविष्य हैं। यदि आप बाबा साहेब के आदर्शों को अपने जीवन में उतारते हैं, तो न केवल आप स्वयं सफल होंगे, बल्कि समाज और राष्ट्र को भी नई दिशा देंगे। हमें यह समझना होगा कि समानता केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक मूल्य है, जिसे हमें अपने व्यवहार में उतारना होगा। किसी भी प्रकार का भेदभाव, चाहे वह जाति, धर्म या आर्थिक स्थिति के आधार पर हो, हमारे समाज को कमजोर करता है। उन्होंने बाबा साहेब के संविधान निर्माण में दिए गए योगदान का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐसा संविधान दिया, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है। आज हम जिस लोकतंत्र में जी रहे हैं, उसकी नींव बाबा साहेब के विचारों और उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण पर टिकी हुई है। हमें उनके इस योगदान को कभी नहीं भूलना चाहिए। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण विद्यालय के कला शिक्षक पंकज शर्मा की ओर से तैयार किया गया बाबा साहेब का 10 फीट ऊंचा विशाल स्केच रहा। यह स्केच केवल एक चित्र नहीं, बल्कि एक जीवंत अभिव्यक्ति थी, जिसमें बाबा साहेब के व्यक्तित्व की गंभीरता, उनके विचारों की गहराई और उनके संघर्ष की तीव्रता स्पष्ट रूप से झलक रही थी। इस भव्य स्केच में बाबा साहेब की आंखों में एक अद्भुत दृढ़ता और संकल्प दिखाई दे रहा था, मानो वे आज भी समाज को दिशा दे रहे हों। उनके चेहरे की रेखाओं में संघर्ष की कहानी थी, तो उनके व्यक्तित्व में आत्मविश्वास और ज्ञान का प्रकाश। स्केच के प्रत्येक स्ट्रोक में कलाकार की मेहनत, समर्पण और बाबा साहेब के प्रति सम्मान झलक रहा था। इस मौके पर अभिषेक त्रिपाठी, मुख्य अध्यापिका शालिनी मिश्रा एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।
