Accused Killed Hours After Murdering Wife, Son and Two Others in Azamgarh

आजमगढ़ में पत्नी, बेटे समेत चार की हत्या करने के चंद घंटे बाद आरोपी भी ढेर

उत्तरप्रदेश लाइव मुख्य समाचार वाराणसी

वाराणसी, राजेंद्र तिवारी। अहरौला में मंगलवार का चार लोगों की गोली मारकर हत्या के बाद हुए एनकाउंटर से सनसनी फैल गई। क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पत्नी और दो पुजारियों की हत्या करके खुद को तीनों बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद करने वाले सिरफिरे युवक को पुलिस ने मंगलवार देर रात मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इससे पहले अपने घिरता देख आरोपी ने अपने आठ वर्षीय बेटे को भी गोली से उड़ा दिया था। पुलिस कार्रवाई की आरोपी की दस वर्षीय बेटी के हाथ में गोली लगी। उसे मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने रात दो बजे अपना ऑपरेशन खत्म किया।
इससे पहले मंगलवार शाम करीब छह बजे के बीच घर से भूत-प्रेत का साया खत्म करने के लिए चल रहे पूजापाठ से नाराज होकर आरोपी अरविंद सिंह ने लाइसेंसी रिवाल्वर से पत्नी बबिता सिंह और पुजारी महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह अपने तीन बच्चों 11 वर्षीय बेटी परी, आठ वर्षीय बेटे शौर्य और 11 माह की बेटी शानवी के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया था। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार, डीआईजी सुनील कुमार सिंह और एडीजी जोन वाराणसी नवीन अरोड़ा भी लगातार उससे समर्पण के लिए कहते रहे। लेकिन वह बच्चों को मारने की धमकी देता रहा। करीब सात घंटे तक क्रमवार चली बातचीत के बाद वह समर्पण के लिए तैयार नहीं हुआ। इसी बीच पुलिस की घेरेबंदी बढ़ती देख रात करीब एक बजे अचानक उसने अपने आठ वर्षीय बेटे शौर्य कुमाार सिंह को गोली मार दी। इसके बाद पुलिस तत्काल दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची। जिसके बाद आरोपी ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे मौके पर ढेर कर दिया। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस उसके दरवाजा खोलने का इंतजार कर रही थी। लेकिन रात में एक बजे उसने बेटे को गोली मार दी। जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह ढेर हो गया। पुलिस के अनुसार आरोपी अरविंद ने खुद को बचाने के लिए बड़ी बेटी 10 वर्षीय परी को ढाल बनाकर सीने से चिपकाये था। 11 माह की बेटी शानवी को भी गोद में लिया था। पुलिस के अंदर घुसने के बाद छोटी बेटी उसके हाथ से गिर गई। जिसके बाद अरविंद ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने के बाद वह बड़ी बेटी को लेकर बिस्तर में घुस गया। पुलिस ने खींचकर बेटी को बाहर निकाला। इसके बाद अरविंद को ढेर कर दिया। तीन लोगों की हत्या और आरोपी के तीन बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद करने की घटना के बाद पुलिस अनहोनी की आशंका से सहमी थी। सिरफिरे अरविंद के साथ तीन मासूम बच्चों के होने से पुलिस किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहती थी। यही वजह थी कि ऑपरेशन को सकुशल अंजाम देने के लिए लखनऊ से एटीएस कमांडो बुलाए गए। रात करीब साढ़े 12 बजे एटीएस के आठ कमांडो शंभूपुर गांव स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। हालांकि उनके पहुंचने के कुछ देर बाद आरोपी ने कमरे में बेटे को गोली मार दी। जिसके बाद स्थानीय पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गई और उसे ढेर कर दिया।

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