नई दिल्ली, नीलू सिंह। भारतीय वायुसेना को पूरी तरह स्वेदश में निर्मित 20 तेजस विमानों की डिलीवरी का अनुबंध शुक्रवार को पूरा कर हो गया। हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने शुक्रवार को यह अनुबंध पूरा कर सैन्य और नागरिक विमानन क्षेत्र में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इसके तहत अंतिम खेप में दो सीट वाले (ट्विन सीटर) दो तेजस प्रशिक्षण विमान वायुसेना को सौंपे। इसके अलावा निजी विमानन कंपनी पवनहंस लिमिटेड को भी नागरिक विमानन सेवाओं के लिए चार आधुनिक ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर सौंपे गए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विमानों के लिए विशेष पूजा के बाद कार्यक्रम स्थल पर रखे ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर में बैठे। उन्होंने अधिकारियों से हेलीकॉप्टर की तकनीक और विशेषताओं के बारे में जानकारी हासिल की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु की मौजूदगी में बेंगलुरु में शुक्रवार को विमानों और हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी वायुसेना को की गई। इससे पहले विशेष पूजा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय वायुसेना को दो तेजस एफओसी प्रशिक्षण विमान सौंपकर दिसंबर 2010 में रक्षा मंत्रालय और एचएएल के बीच फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस (एफओसी) के तहत 20 तेजस विमानों का अनुबंध पूरा कर लिया गया है। इसके तहत 16 एक सीट वाले युद्धक विमान और चार दो सीट वाले प्रशिक्षण विमानों की डिलीवरी होनी थी। सभी 16 युद्धक विमान और दो ट्विन सीटर प्रशिक्षण विमान पहले ही सौंप दिए गए थे, जो वर्तमान में वायुसेना में तैनात हैं। इसके अलावा वायुसेना के लिए 70 विमानों की डिलीवरी के अनुबंध की शुरुआत के तौर पर एक एचटीटी-40 बेसिक प्रशिक्षण विमान भी वायुसेना के सुपुर्द किया गया। इनके अलावा पवनहंस कंपनी के साथ 10 ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टरों के अनुबंध के तहत चार हेलीकॉप्टरों की पहली खेप डिलीवर की गई। एचएएल ने बताया कि कंपनी दिसंबर 2026 तक चार और हेलीकॉप्टर कंपनी को सौंप देगी। जबकि अगले वित्तीय वर्ष में अंतिम दो हेलीकॉप्टर सौंपकर यह अनुबंध पूरा कर लिया जाएगा। एचएएल ने एक बयान में कहा कि विमानों की यह डिलीवरी सैन्य उड्डयन और पायलट प्रशिक्षण में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है। बयान के अनुसार, तेजस प्रशिक्षण विमान हर मौसम में काम करने वाला मल्टी-रोल 4.5 पीढ़ी का विमान है। इसे मुख्य रूप से युद्धक क्षमता के साथ वायुसेना की प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बनाया गया है। एचएएल ने कहा कि इन तीनों विमानों की डिलीवरी के साथ कंपनी ने सैन्य और नागरिक उड्डयन क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का परिचय दिया है। एचएएल ने बताया कि निजी विमानन कंपनी पवनहंस को सौंपे गए चार ध्रुव नेक्सट जेनरेशन (एनजी) हेलीकॉप्टर नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में स्वेदशी आत्मनिर्भरता के प्रतीक हैं। बयान के अनुसार, ध्रुव एनजी 5.5 टन का हल्का और भारत का पहला पूरी तरह स्वदेशी रूप से निर्मित हेलीकॉप्टर है। इसका अधिकतम टेक-ऑफ वजन 5,500 किलोग्राम जबकि अधिकतम गति लगभग 285 किमी/घंटा है। 20 मिनट के रिजर्व के साथ इसकी रेंज लगभग 630 किलोमीटर है। यह 14 यात्रियों तक को ले जा सकता है। एचएएल ने बताया कि वायुसेना को सौंपा गया हिन्दुस्तान टर्बो ट्रेनर (एचटीटी-40) बेसिक प्रशिक्षण विमान भारतीय वायुसेना के पायलटों के प्रशिक्षण में विदेशी विमानों से निर्भरता को कम करेगा। यह स्वदेशी रूप से विकसित विमान है, जिसका लक्ष्य भारतीय सेनाओं की शुरुआती प्रशिक्षण जरूरतों को पूरा करना है। बयान के अनुसार, 31 मई 2016 को इस विमान ने पहली उड़ान भरी थी। तब से अब तक इसमें लगातार आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बदलाव किए गए हैं। इस विमान में लगभग 57 प्रतिशत स्वदेशी हिस्सेदारी है। एचएएल के अनुसार, कंपनी अगले चार से पांच साल में वायुसेना को सभी एचटीटी-40 70 विमान सौंपने के लिए तैयार है।
