बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड में कलश और पोथी यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव शुरू
बेंगलुरु, अर्पणा पांडेय । स्थानीय दिव्य चेतना श्रीराम कथा चेरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में शहर के पैलेस ग्राउंड प्रिंसेस शाइन सभागार में मंगलवार से सप्तदिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। कलश और पोथी यात्रा के साथ शुरू हुए कथा महोत्सव में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कथा वाचक राजनजी महाराज की उपस्थिति में श्रद्धालुओं ने कलश धारण कर पोथी यात्रा में भाग लिया। दूसरे सत्र में मुख्य यजमान सुनीलकुमार-उपासना तिवारी और कथा संरक्षक रंगनाथ-मंजुदेवी तिवारी परिवार नजर आए।
कथा वाचक राजनजी महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम कथा जीवन जीने की कला सिखाने वाली कथा है। यह मनुष्य को जीवन में सही मार्ग पर चलने और अपने आचरण को बेहतर बनाने की प्रेरणा देती है। प्रभु राम का चरित्र अनुसरण करने लायक है। उनके जीवन से मर्यादा, कर्तव्य, संयम और आदर्श का संदेश मिलता है। उन्होंने कहा कि जो भी प्रभु राम की कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट भगवान हनुमानजी दूर कर देते हैं। श्रीराम कथा अपने आप में अमृत कथा है। इस कथा अमृत की एक बूंद भी जीवन का कल्याण करती है।
ट्रस्ट के अध्यक्ष शैलेश मिश्रा ने सभी का स्वागत किया। सचिव रोहित उपाध्याय ने बताया कि बुधवार को शिव विवाह प्रसंग का विशेष आयोजन होगा। कथा में धीरज राज, आदेश कुमार, गौरी मिश्रा, प्रवीण पांडेय, लालबाबू पांडेय, संजयसिंह उजैन, गणेश मिश्रा सहित आयोजन समिति के अनेक सदस्यों ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। प्रवीण पांडेय ने भंडारा यजमान पी.पी. मंजू पांडेय परिवार भी मौजूद थे।
