शोधार्थी निकिता भट्ट ने उत्तीर्ण की जेआरएफ परीक्षा, संघर्ष और सेवा की बनी प्रेरक उदाहरण

उत्तराखंड लाइव नैनीताल

18 सितम्बर। दृढ़ इच्छाशक्ति, सतत परिश्रम एवं समाज के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए शोधार्थी सुश्री निकिता भट्ट ने यूजीसी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC-NET) में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) एवं नेट दोनों योग्यताएँ प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

निकिता भट्ट की सफलता एक दिन में प्राप्त नहीं हुई, बल्कि यह लगातार प्रयासों और धैर्यपूर्ण संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने जून 2024 में अपने प्रथम प्रयास में पीएच.डी. प्रवेश हेतु योग्यता प्राप्त की। इसके पश्चात दिसम्बर 2024, जून 2025 एवं दिसम्बर 2025 में लगातार तीन बार नेट परीक्षा उत्तीर्ण की। अपनी तैयारी को और अधिक सशक्त बनाते हुए उन्होंने जून 2026 में आयोजित परीक्षा में जेआरएफ एवं नेट दोनों योग्यताएँ प्राप्त कर अपनी प्रतिभा और परिश्रम का उत्कृष्ट परिचय दिया।

निकिता भट्ट की सफलता की सबसे विशेष बात यह रही कि उन्होंने केवल स्वयं की तैयारी तक सीमित न रहकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी निर्वहन किया। उन्होंने अनेक आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क यूजीसी-नेट परीक्षा की कोचिंग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। उनके सहयोग से कई विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता मिली तथा उनमें आत्मविश्वास का संचार हुआ।

निकिता भट्ट वर्तमान में इंदिरा प्रियदर्शिनी राजकिय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय हल्द्वानी से वाणिज्य विषय में शोध कार्य कर रही हैं तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में भी सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। उनकी उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि निरंतर प्रयास, अनुशासन एवं सकारात्मक दृष्टिकोण से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

उनके शोध मार्गदर्शक डॉ. रितुराज पंत, सहायक आचार्य, वाणिज्य विभाग ने इस अवसर पर कहा कि निकिता भट्ट की सफलता उन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निकिता ने अपने संघर्ष, धैर्य और निरंतर अध्ययन के बल पर यह सिद्ध किया है कि सफलता उन्हीं को मिलती है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से विचलित नहीं होते। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क मार्गदर्शन देना निकिता की सामाजिक संवेदनशीलता और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

निकिता भट्ट ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों, परिवार एवं शुभचिंतकों को देते हुए कहा कि प्रत्येक प्रयास ने उन्हें कुछ नया सिखाया और उन्हीं अनुभवों ने उन्हें जेआरएफ प्राप्त करने तक पहुँचाया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे असफलताओं से निराश होने के बजाय उन्हें सीखने का अवसर मानें और अपने लक्ष्य की प्राप्ति तक निरंतर प्रयास करते रहें।

निकिता भट्ट की इस उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं क्षेत्र के शिक्षाविदों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।

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