नई दिल्ली, नीलू सिंह। जिस मैदान पर कभी टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनने का सपना देखा था, उसी देश में अब निखिल चौधरी ऑस्ट्रेलिया की जर्सी में भारत के खिलाफ उतरने की तैयारी कर रहे हैं। लुधियाना की क्रिकेट गैलेक्सी अकादमी में अपने बचपन के कोच और नन्हे खिलाड़ियों से मिलने पहुंचे 30 वर्षीय निखिल की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। भारत में क्रिकेट का सफर शुरू करने वाले निखिल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान ऑस्ट्रेलिया पहुंचे और वहीं रह गए। पंजाब के लिए महज दो लिस्ट-ए और 12 टी-20 मैच खेलने के बाद जब करियर पर संकट आया तो उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट में नई पारी शुरू की। लेग-स्पिन और आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर पहचान बनाने वाले निखिल ने इसी साल बांग्लादेश के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया के लिए टी-20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया। अब अक्टूबर में वह ऑस्ट्रेलिया-ए की जर्सी में भारत के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में उतरेंगे।
30 साल के ऑलराउंडर निखिल चौधरी का सपना भी भारत के करोड़ों बच्चों की तरह टीम इंडिया के लिए नीली जर्सी पहनना था। लेकिन किस्मत ने उनके लिए एक अलग ही पटकथा लिख रखी थी। साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान निखिल ऑस्ट्रेलिया गए थे और वहीं फंस गए। पंजाब के लिए सिर्फ 2 लिस्ट-ए और 12 टी-20 मैच खेलने वाले निखिल के सामने करियर का संकट था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट (क्लब क्रिकेट) से नई शुरुआत की और अपनी दमदार लेग-स्पिन व तूफानी बल्लेबाजी से सबको चौंका दिया।
इसी साल जून में बांग्लादेश के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया के लिए टी-20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने के बाद निखिल पहली बार अपने गृहनगर पहुंचे। उनके थके हुए चेहरे पर अपने बचपन के कोच चरणजीत भंगू को देखते ही एक आत्मीय मुस्कान तैर गई। गॉगल्स उतारकर उन्होंने कोच के पैर छुए, बच्चों को ऑटोग्राफ दिए और पुरानी यादों में खो गए। पिछले तीन महीनों में अमेरिका की ‘एमएलसी’, इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ और वेस्टइंडीज की ‘सीपीएल’ में तहलका मचाने के बाद निखिल सिर्फ 3-4 दिनों के लिए भारत आए हैं। रोचक बात यह है कि अगले महीने (अक्टूबर में) निखिल फिर भारत लौटेंगे, लेकिन इस बार वह ‘ऑस्ट्रेलिया-ए’ टीम के सदस्य बनकर। वह यहां भारत के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलने उतरेंगे। क्रिकइंफो से बातचीत में निखिल ने कहा, मेरे लिए यह मायने नहीं रखता कि मैं किस देश के लिए खेल रहा हूं। सच यह है कि ज्यादातर खिलाड़ी अपने देश का प्रतिनिधित्व भी नहीं कर पाते। यदि आप खेल से प्यार करते हैं, तो आप बस खेलना चाहते हैं। मेरा पहला लक्ष्य 2027 का वनडे विश्व कप और 2028 का टी-20 विश्व कप खेलना है।
