“नमामि गंगे स्वच्छता अभियान: चित्रशिला तीर्थ पर युवा शक्ति का संकल्प और सांस्कृतिक चेतना का संगम”
महिला महाविद्यालय हल्द्वानी की नमामि गंगे इकाई द्वारा चित्रशिला तीर्थ में गार्गी नदी के पावन तट पर एक प्रभावशाली स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य प्रो० आभा शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें सैकड़ों छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और बौद्धिक जागरूकता का भी समावेश किया गया, जिससे छात्राओं को अपनी विरासत और जिम्मेदारियों का बोध हुआ। छात्राऐं नैनीताल रोड पर गुलाबघाटी से स्वच्छता संकल्प रैली में नारे लगाते हुए गार्गी नदी तट पर एकत्रित हुई।
प्राचार्य प्रो० आभा शर्मा ने कहा कि यह अभियान गंगा स्वच्छता के प्रति महाविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। छात्राओं ने जिस दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प के साथ इस कार्य को संपन्न किया है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाली जीवनशैली है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपनाना चाहिए। ऐसे प्रयासों से न केवल पर्यावरण सुरक्षित होता है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन भी आता है।
नमामि गंगे के नोडल अधिकारी डॉ० रितुराज पंत ने कहा कि गंगा एवं उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता राष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के अभियानों से छात्राओं में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है। यह पहल उन्हें जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बौद्धिक सत्र में डॉ० दिनेश जोशी एवं डॉ० हिमानी ने छात्राओं को चित्रशिला तीर्थ और कत्यूरी राजवंश की महान शासिका जिया माता रानी के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व से अवगत कराया।
चित्रशिला तीर्थ उत्तराखंड का एक प्राचीन और पवित्र स्थल है, जो गार्गी नदी के तट पर स्थित है। मान्यता है कि यहां अनेक ऋषि-मुनियों ने तपस्या की थी। यह स्थान आध्यात्मिक शांति और धार्मिक आस्था का केंद्र माना जाता है। स्थानीय जनमानस में इसकी विशेष प्रतिष्ठा है और यह क्षेत्र सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है।
उन्होंने कहा जिया माता रानी कत्यूरी राजवंश की एक वीर एवं धर्मपरायण शासिका मानी जाती हैं। उन्होंने अपने शासनकाल में धर्म, संस्कृति और जनकल्याण को बढ़ावा दिया। क्षेत्र में उनके नाम से जुड़े कई धार्मिक स्थल आज भी उनकी महानता के साक्ष्य हैं। उनकी छवि एक आदर्श नारी शक्ति के रूप में स्थापित है, जो साहस, सेवा और समर्पण का प्रतीक हैं।
इस प्रकार के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों से जुड़ाव युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ता है और उनमें संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करता है। इसके पश्चात छात्राओं ने तीर्थ तट पर भजन गाकर इस अभियान को और विशिष्ट बनाया।
अभियान का संचालन डॉ० फकीर सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान का उद्देश्य केवल स्थल को साफ करना नहीं, बल्कि लोगों के मन में स्वच्छता के प्रति स्थायी जागरूकता उत्पन्न करना है। जब समाज स्वयं आगे बढ़कर ऐसे कार्यों में भाग लेता है, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव होता है।
अभियान में हल्द्वानी स्वयं सहायता समूह के संस्थापक दिनेश लेशाली एवं उनकी टीम ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। उनके योगदान से “पवित्र धारा” मुहिम को और मजबूती मिली। इस अवसर पर डॉ० रेखा जोशी, खिमेस नैनवाल सहित अनेक स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे, जिससे यह कार्यक्रम एक सामुदायिक प्रयास के रूप में सफल रहा।
