लखनऊ, राजेंद्र तिवारी। राममंदिर की भव्यता के बाद अब उसके प्रशासनिक संचालन को भी नई व्यवस्था का आधार मिल गया है। भारतीय वायुसेना के पूर्व उपाध्यक्ष एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बनाया गया है। वहीं, ट्रस्ट ने तीन नए न्यासियों के नाम पर मुहर लगाने के साथ जिम्मेदारियों में भी बड़ा फेरबदल किया है। महंत गोविंद देव गिरी को पूर्णकालिक महासचिव और महेश भागचंदका को नया कोषाध्यक्ष बनाया गया है। राममंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट में खाली हुए पदों पर नियुक्तियों के लिए हुई बैठक में ये अहम फैसले लिए गए।
रामनगरी के मणिराम दास छावनी में बुधवार को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में ये फैसले लिए गए। करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक में ट्रस्ट के पुनर्गठन से लेकर राममंदिर के प्रशासनिक संचालन तक कई बड़े फैसले लिए गए। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडेय और डॉ. निर्मला यादव को सर्वसम्मति से न्यासी चुना है। एक और महत्वपूर्ण फेरबदल के तहत अब तक ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे महंत गोविंद देव गिरी को पूर्णकालिक महासचिव बना दिया गया है, जबकि नए ट्रस्टी महेश भागचंदका नए कोषाध्यक्ष होंगे।
सीईओ के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावरे शामिल थे। समिति ने कई चरणों में चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया था। मंगलवार को समिति ने यह पैनल ट्रस्ट को सौंपा था। बुधवार को ट्रस्ट की बैठक में सदस्यों ने चर्चा के बाद जितेंद्र मिश्र के नाम पर एकमत से मुहर लगा दी। इस दौरान ट्रस्ट के वित्तीय वर्ष 2025-26 का वार्षिक लेखा-जोखा भी रखा गया। रखे गए विवरण के अनुसार वर्ष के दौरान करीब 237 करोड़ की आय हुई, जबकि व्यय 91 करोड़ हुए। निर्माण समेत विभिन्न कार्यों पर करीब 425 करोड़ रुपये व्यय बताया गया। बैठक में 21 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के बैंक खातों में करीब 1882 करोड़ रुपये की राशि होने की जानकारी भी दी गई। ट्रस्ट की ओर से प्रस्तुत आय-व्यय और अन्य वित्तीय विवरणों को सदस्यों ने अनुमोदित कर दिया। गौरतलब है कि बुधवार दोपहर करीब दो बजे मणिराम दास छावनी में ट्रस्ट के सदस्यों की अनौपचारिक बैठक शुरू हुई। करीब एक घंटे तक सदस्यों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद शाम तीन बजे औपचारिक बैठक शुरू हुई। तीर्थ क्षेत्र ने बैठक में चढ़ावा कांड की जांच कर रहे विशेष जांच दल की प्रगति पर भी चर्चा की। इस दौरान आरोपों की जांच, जांच के क्षेत्र और समय पर विस्तार से चर्चा की गई। सुप्रीम कोर्ट में दी जाने वाली अद्यतन जानकारी पर भी चर्चा हुई। चढ़ावे में आने वाली नगद धनराशि की गणना प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम करने के लिए किए गए प्रयासों पर भी बातचीत हुई। दो बैंकों और आईआईटी से मिले प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि इसका मूल्यांकन कर शीघ्र तकनीक की सहायता से इस दिशा में प्रगति होगी।
