नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों का हंगामा बुधवार को भी जारी रहा। जबरदस्त हंगामे के कारण बुधवार को राज्यसभा की बैठक पहले 12 बजे तक स्थगित हुई, फिर एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक पुन: स्थगित कर दी गई। दो बजे बैठक शुरू होने पर महज पांच मिनट के भीतर अगले दिन के लिए सदन स्थगित करना पड़ा। हंगामे की वजह से सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल भी नहीं हो पाया। उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद उन्होंने सदन को सूचित किया कि नीयत कामकाज स्थगित कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उन्हें नियम 267 के तहत 25 नोटिस मिले हैं। हरिवंश ने बताया कि कांग्रेस के अखिलेश प्रताप सिंह, रजनी अशोक राव पाटिल, नीरज डांगी, डॉ. सैयद नासिर हुसैन, रेणुका चौधरी, तृणमूल कांग्रेस के साकेत गोखले, महुआ मांझी, सुष्मिता देव, द्रमुक के तिरुचि शिवा और राजद के मनोज कुमार झा सहित कुछ अन्य सदस्यों ने बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए नोटिस दिए हैं। उपसभापति ने बताया कि आम आदमी पार्टी के संदीप कुमार पाठक तथा संजय सिंह ने कथित अवैध अतिक्रमण हटाए जाने की वजह से झुग्गियों से विस्थापित हुए लोगों के मुद्दे पर नोटिस दिया है। तृणमूल कांग्रेस के रीताव्रता बनर्जी ने बांग्लाभाषी प्रवासियों के साथ अन्य राज्यों में कथित भेदभाव के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए नोटिस दिए हैं। उपसभापति ने बताया कि पूर्व में दी गई व्यवस्था के अनुपालन में ये नोटिस अस्वीकार कर दिए गए। नोटिस अस्वीकार किए जाने पर विपक्षी सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया और हंगामा शुरू कर दिया। कुछ सदस्य अपने स्थानों से आगे भी आ गए। हरिवंश ने सदस्यों से अपने स्थानों पर जाने और शून्यकाल चलने देने की अपील की। शून्यकाल के तहत उन्होंने एमडीएमके सदस्य एम. वाइको को अपना मुद्दा उठाने की अनुमति दी। हंगामे के बीच ही वाइको ने तमिलनाडु के मछुआरों को श्रीलंका की नौसेना द्वारा पकड़े जाने का मुद्दा उठाया। इस बीच हंगामा तेज हो गया और हरिवंश ने सदन में व्यवस्था बनते देख सदन स्थगित कर दिया।
