लखनऊ, राजेंद्र तिवारी। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला बन गए हैं। इसके साथ ही अंतरिक्ष में इतिहास भी रच दिया। शुक्रवार शाम चार बजकर एक मिनट पर उनका विमान आईएसएस पहुंच गया था। इसके बाद डॉकिंग की प्रक्रिया में 14 मिनट का समय लगा। तय समय से 20 मिनट पहले ही डॉक पूरा हुआ। 14 दिनों तक चारों अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में रहेंगे।
अंतरिक्ष यान ड्रैगन के अंतरिक्ष केंद्र से जुड़ने के साथ ही भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य यात्री गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पहुंच गए। इसके साथ ही शुभांशु शुक्ला ने इतिहास रच दिया। वह आईएसएस जाने वाले पहले और अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। उनसे पहले वर्ष 1984 में राकेश शर्मा अंतरिक्ष यात्री बने थे।
अंतरिक्ष यान उस समय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ा, जब यह शाम 4:01 बजे (भारतीय समयानुसार) उत्तरी अटलांटिक महासागर के ऊपर से गुजर रहा था। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक लाइव वीडियो में अंतरिक्ष यान को अंतरिक्ष स्टेशन के पास आते हुए दिखाया गया और डॉकिंग प्रक्रिया शाम 4:15 बजे पूरी हुई। हैच (द्वार) खोलने की प्रक्रिया में लगभग दो घंटे लगते हैं, इसके बाद अंतरिक्षयात्री स्टेशन के भीतर प्रवेश करते हैं। एक्सिओम-4 मिशन के अंतरिक्ष यात्री बुधवार को फ्लोरिडा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से आईएसएस की यात्रा पर रवाना हुए थे। गौरतलब है कि मिशन में एक्सिओम-4 मिशन की कमान अनुभवी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन के हाथों में है, जबकि शुभांशु शुक्ला इस मिशन के पायलट हैं। शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना में एक टेस्ट पायलट हैं। वह भारत के दूसरे और 1984 में राकेश शर्मा की ऐतिहासिक यात्रा के बाद पहले अंतरिक्ष यात्री बने हैं। स्लावोज उज्नांस्की-विस्निएव्स्की पोलैंड के एक इंजीनियर और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के प्रोजेक्ट अंतरिक्ष यात्री हैं। वह अपने देश के दूसरे और 1978 के बाद पहले अंतरिक्षयात्री हैं। तिबोर कापु, एक यांत्रिक इंजीनियर हैं और हंगरी के दूसरे अंतरिक्ष यात्री बने हैं। पिछली बार 45 वर्ष पहले हंगरी का कोई अंतरिक्ष मिशन पर गया था। बता दें कि आईएसएस पर सात अंतरिक्ष यात्री पहले से ही मौजूद हैं। इनमें अमेरिका की निकोल आयर्स, एनी मैकक्लेन और जॉनी किम, जापानी अंतरिक्ष एजेंसी जेएएक्सए के टाकुया ओनिशी, रूस के किरिल पेस्कोव, सर्गेई रिजिकोव, और एलेक्सी जुब्रित्स्की शामिल हैं। अरबपति एलन मस्क के स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट ने बुधवार दोपहर 12 बजकर एक मिनट पर एक्सिओम मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से आईएसएस के लिए उड़ान भरी। शुभांशु आईएसएस पर जाने वाले पहले और अंतरक्षि में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। आज से 41 साल पहले भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर राकेश शर्मा ने वर्ष 1984 में सोवियत संघ के स्पेसक्राफ्ट से अंतरक्षि यात्रा की थी। शुभांशु यह अनुभव भारत के गगनयान मिशन में काम आएगा। इसके वर्ष 2027 में लॉन्च होने की संभावना है।
