संवैधानिक आरक्षण खत्म किया, जनता भुगत रही खामियाजा: हरीश रावत

उत्तराखंड लाइव ऊधम सिंह नगर देहरादून राष्ट्रीय हरिद्वार

हल्द्वानी, गौरव जोशी। उत्तराखंड में प्रस्तावित पंचायत चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नैनीताल में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। आरोप लगाया कि राज्य सरकार पंचायत चुनाव को लेकर गंभीर नहीं है और उसकी तैयारियां पूरी तरह अव्यवस्थित हैं। रावत ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों और लापरवाही के चलते प्रदेश में संवैधानिक व्यवस्थाओं की अनदेखी हो रही है, जिससे न केवल लोकतंत्र की भावना को ठेस पहुंच रही है, बल्कि आम जनता भी भारी परेशानी झेल रही है।
पूर्व सीएम ने वर्ष 2016 में लागू किए गए पंचायती राज अधिनियम के तहत आरक्षण प्रावधानों को अचानक खत्म करने को एक साजिश करार दिया। कहा कि सरकार ने इस संवैधानिक व्यवस्था को शून्य कर दिया है, जिससे स्पष्ट है कि वर्तमान सरकार पंचायत चुनावों को लेकर ईमानदार नहीं है। कहा कि जिला पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण की घोषणा आज तक नहीं की गई, जो कि एक गंभीर लापरवाही है। रावत ने कहा, यह केवल चुनाव नहीं बल्कि जनता के अधिकारों का सवाल है। जब तक पंचायत चुनावों में पारदर्शिता और संविधान सम्मत प्रक्रिया नहीं अपनाई जाती, तब तक लोकतंत्र की नींव कमजोर रहेगी। रावत ने प्रदेश में बढ़ते नशे और भ्रष्टाचार को भी एक गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आज नशे के आगोश में जा रहा है और सरकार इस पर अंकुश लगाने में नाकाम रही है। उन्होंने चेताया कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो राज्य का सामाजिक ताना-बाना पूरी तरह से बिगड़ सकता है।

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