अयोध्या, राजेंद्र तिवारी। भारत यात्रा पर आए मारीशस के प्रधानमंत्री डा. नवीन चंद्र राम गुलाम पत्नी वीणा राम गुलाम और अपने 30 सदस्यीय मंत्रियों-परिजनों के शिष्टमंडल के साथ शुक्रवार को यहां पहुंचे और रामलला के दर्शन किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामगुलाम की अगवानी की। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से उनका स्वागत कर स्मृति चिह्न व अन्य उपहार भेंट किए।
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से वैश्विक स्तर पर ऐतिहासिक नगरी अयोध्या का महत्व किस प्रकार बढ़ा है, इसका प्रमाण गुजरे एक साल में स्पष्ट दिखाई दिया है। सितम्बर महीने के पहले पखवाड़े में इसका माहात्म्य तब और बढ़ गया जब यहां पहले भूटान के प्रधानमंत्री दोसा शेरिंग टोबगे का आगमन हुआ और शुक्रवार को मारीशस के प्रधानमंत्री डा. नवीन चंद्र राम गुलाम व अपनी पत्नी वीणा राम गुलाम के साथ उच्च स्तरीय शिष्टमंडल के साथ यहां पहुंचे। इस ऐतिहासिक मौके पर राम मंदिर का श्रद्धा पथ सुर्ख लाल हो गया जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तीसरी बार किसी राष्ट्र के प्रधान के आगमन पर उनके अभिनंदन के लिए तैयार किया गया।
वाराणसी से डॉ नवीन राम गुलाम, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या दोपहर सवा बारह बजे पहुंचे। एयरपोर्ट पर ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर ही उनको अयोध्या की संस्कृति से रूबरू कराया गया। निर्धारित समय से करीब एक घंटा विलंब से राम मंदिर पहुंचे मारीशस पीएम डा. नवीन ने सपत्नीक सबसे पहले रामलला का दर्शन किया और फिर उनकी आरती उतारी। इसके बाद उन्होंने प्रथम तल पर विराजित राम दरबार का भी दर्शन-पूजन किया। दर्शन से अभिभूत प्रधानमंत्री डा. नवीन व उनके सहयोगियों ने कई बार जय श्रीराम का उद्घोष किया। मारीशस के प्रधानमंत्री को कुबेर नवरत्न टीला के करीब गोल्फ कार्ट से ले जाया गया और फिर वहां पैदल चढ़ाई चढ़कर सभी कुबेरेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री योगी समेत मारीशस के पीएम ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजन किया। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीर्थ क्षेत्र की ओर से प्रधानमंत्री को राम मंदिर का मॉडल भेंट किया। वहीं प्रधानमंत्री की पत्नी वीणा राम गुलाम को अंगवस्त्र भेंट कर विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इस दौरान अल्पाहार की व्यवस्था भी की गयी। इस अल्पाहार में भोजपुरी व अवधी व्यंजनों के अतिरिक्त मिष्ठान में दही-जलेबी व रबड़ी -इमरती परोसे गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक है। वहीं, प्रधानमंत्री डॉ. रामगुलाम ने भी अयोध्या की पवित्र धरती पर आने पर प्रसन्नता व्यक्त की और भगवान राम के प्रति आस्था प्रकट की। उधर अयोध्या में मारीशस के प्रधानमंत्री के आगमन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गये थे। एयरपोर्ट से लेकर राम मंदिर तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस व सुरक्षा बल तैनात रहे। मंदिर परिसर में पुलिस बल और एटीएस की टीमों ने सुरक्षा कमान संभाल रखी थी। भारत और मॉरीशस के बीच संबंध सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गहराई से जुड़े हुए हैं। मॉरीशस की आबादी का बड़ा हिस्सा भारतीय मूल का है और वहां रामायण, भगवान राम और भारतीय परंपराओं के प्रति विशेष आस्था देखी जाती है। मॉरीशस के त्योहार, साहित्य और सांस्कृतिक जीवन में रामकथा आज भी जीवंत है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री राम गुलाम का यह अयोध्या दौरा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
