साइबर ठगी में उत्तराखंड के दस स्थानों पर छापेमारी

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देहरादून, अर्पणा पांडेय। उत्तराखंड में साइबर ठगी के नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए गुरुवार सुबह एसटीएफ और पुलिस ने चार जिलों के दस हॉटस्पॉट पर एक साथ छापेमारी की। स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी के करीब 2,500 जवानों को अभियान में लगाया गया। कार्रवाई के दौरान म्यूल बैंक खाताधारकों के घरों से ठगी में इस्तेमाल खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम समेत कई दस्तावेज मिले। हरिद्वार में संगठित साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क नवादा ग्रुप का भी खुलासा हुआ। पुलिस ने गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एडीजी वी. मुरुगेशन ने पटेल भवन में गुरुवार को बताया कि अभियान के तहत दून के पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र, सेलाकुई थाना क्षेत्र और सुमननगर बिंदाल बस्ती में कार्रवाई की गई। हरिद्वार में सिडकुल, कलियर, ज्वालापुर क्षेत्र, नैनीताल में रामनगर के एक हिस्से और यूएसनगर में गदरपुर, दिनेशपुर को हॉटस्पॉट के तौर पर चिह्नित किया गया था। पुलिस टीमों ने यहां साइबर ठगी से जुड़े दस्तावेज और कई सामग्री अपने कब्जे में ली। हरिद्वार में संगठित साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क नवादा ग्रुप का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि यह गिरोह 200 से अधिक बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन कर रहा था। इन खातों में ठगी की रकम मंगाई जाती थी और फिर कमीशन लेकर एटीएम या चेक के जरिए रकम निकाली जाती थी। एडीजी वी. मुरुगेशन ने बताया कि इससे पहले 24 अगस्त से एक सितंबर तक चलाए गए अभियान में 820 म्यूल बैंक खातों और 1,236 एटीएम से रकम निकासी की लोकेशन का सत्यापन किया गया। इस दौरान 15 साइबर अपराधी गिरफ्तार किए गए और कुल 238 मुकदमे दर्ज हुए। 250 संदिग्धों का सत्यापन कर नोटिस भी तामील कराए गए। आईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि साइबर अपराध की पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त किया जा रहा है। इस अभियान के दौरान 644 संदिग्ध सिम और 630 मोबाइल के आईएमईआई नंबर ब्लॉक कराए गए हैं। समन्वय पोर्टल के जरिए 240 पुराने अपराधियों को मैप किया गया। इससे 100 से अधिक मामलों का भी खुलासा हुआ।

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