उत्तराखंड में सोलर पावर के रेट में 50 फीसदी कटौती का विरोध

उत्तराखंड लाइव देहरादून नैनीताल राष्ट्रीय हरिद्वार

देहरादून। उत्तराखंड में विद्युत नियामक आयोग के सोलर पावर के रेट में 50 फीसदी कटौती किए जाने के प्रस्ताव से सोलर इंडस्ट्री पर संकट गहरा गया है। आयोग के बिजली दरों में कटौती के इस प्रस्ताव को राज्य में चौतरफा विरोध हो रहा है। आम लोगों के साथ ही इंडस्ट्री ने जमकर विरोध किया है। आयोग में आपत्तियों का ढेर लग गया है। अब गेंद आयोग के पाले में है। जल्द आयोग की ओर से फाइनल दरें जारी की जा रही हैं। आयोग ने न सिर्फ बड़े सोलर पावर प्लांट, बल्कि घरों की छतों पर पीएम सूर्य घर योजना में लगने वाले तीन से लेकर 10 किलोवाट के छोटे प्लांट से मिलने वाली बिजली के रेट भी 50 फीसदी घटाने का प्रस्ताव रखा है। आयोग के इस प्रस्ताव ने सोलर पावर के क्षेत्र में आगे बढ़ने वालों को जोरदार झटका दिया था। आयोग के इस प्रस्ताव को लोगों ने उत्तराखंड में सोलर पावर के लिए बड़ा झटका बताया। लोगों ने आपत्तियां कर प्रस्ताव पर सवाल उठाए। सोलर इंडस्ट्री से जुड़े विक्रम सिंह ने बताया कि एक ओर केंद्र सरकार देश को पावर सेक्टर में मजबूत करने की प्लानिंग में जुटा है। वही राज्य में सोलर पावर सेक्टर को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।
पीएम सूर्यघर योजना में अभी यूपीसीएल 4.30 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद रहा है। आयोग ने इसे दो रुपए प्रति यूनिट सीमित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार की स्वरोजगार से जुड़ी सबसे सफल योजना सीएम सौर स्वरोजगार योजना में लगे सोलर पावर प्लांट की बिजली को भी 4.25 रुपए प्रति यूनिट से घटा कर 4.12 रुपए प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव रखा है। पुराने सोलर प्लांट के रेट 4.64 रुपए प्रति यूनिट तक है। इस तरह हर सेक्टर में सोलर पावर के रेट कम करने से सोलर पावर सेक्टर में काम करने वाली एजेंसियों के पसीने छूटे हुए हैं। सोलर पावर को स्वरोजगार का जरिया बनाने वालों का भी उत्साह ठंडा पड़ता नजर आ रहा है। उत्तराखंड सरकार ने 2500 मेगावाट सोलर पावर का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक राज्य में सोलर पावर से करीब 300 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। इस उत्पादन को बढ़ाने को सीएम सौर स्वरोजगार योजना के साथ ही पीएम सूर्य घर योजना के साथ ही सरकारी भवनों पर भी सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही उद्योग भी अपने परिसरों में सोलर पावर प्लांट लगा कर बिजली उत्पादन की तैयारी में हैं। सोलर पावर के रेट कम होने से इस मुहिम को बड़ा झटका लगेगा। उत्तराखंड में इंडस्ट्री के परिसरों में भी सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं। ऐसा करने से इंडस्ट्री को बिजली काफी रियायती दरों पर उपलब्ध होती है। सोलर पावर के रेट गिरने से उद्योग भी इस सेक्टर में निवेश करने से बचेंगे। सोलर पावर प्लांट लगाने का काम करने वाली फर्म को भी झटका लगेगा। इन फर्म के साथ गांव गांव में स्थानीय लोग प्लांट लगाने के काम में जुटे हुए हैं। सोलर पावर प्लांट से न सिर्फ रोजगार के मौके बढ़ रहे हैं, बल्कि स्वरोजगार भी बढ़ा है। आयोग के प्रस्ताव ने इन सभी लोगों की नींद उड़ा दी है।

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