उत्तराखंड के लोगों को सरकारी निर्माण में प्राथमिकता : धामी

उत्तराखंड लाइव देहरादून नैनीताल राष्ट्रीय

देहरादून, गौरव जोशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून सीजन खत्म होते ही पुनर्निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए। सरकारी निर्माण कार्यों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए। सोमवार को कैंट रोड स्थित कैंप कार्यालय में प्रदेश के सभी डीएम के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्ग की सडकों को भी जल्द से जल्द दुरूस्त करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ आपदा प्रबंधन, कानून व्यवस्था, पुनर्निर्माण कार्य, पर्यटन और जनसुविधाओं से जुड़े विषयों पर सिलसिलेवार समीक्षा की। कहा कि बरसात समाप्त होते ही मरम्मत और पुनर्निर्माण के कार्यों के लिए पूरे प्रदेश में प्रशासनिक मशीनरी एक्टिव मोड में कार्यरत रहे। प्रदेश में जब तक बारिश जारी है, तब तक राहत सामग्री और सूखे राशन की हर क्षेत्र में पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
हर जिले की मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं जारी कार्यों की रिपोर्ट 15 दिनों में मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए। जन समस्याओं के प्रभावी निस्तारण के लिए ग्राम स्तर पर चौपाल कार्यक्रम, जिलास्तरीय जनसुनवाई, तहसील दिवस, बीडीसी की बैठकों एवं बहुद्देशीय शिविरों का नियमित आयोजन किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर से गांधी जयंती तक सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम की विस्तृत तैयारी करने के निर्देश भी दिए। इसमें सेवा, स्वच्छता और जनसुविधा की थीम पर कार्य किए जाएगा। जिलों में नियमित स्वच्छता अभियान चलाने के साथ प्रत्येक सप्ताह एक दिन स्वच्छता कार्यक्रम में डीएम खुद भी भाग लेंगे।
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक एपी अंशुमान, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, वर्चुअल माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और सभी डीएम शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि अपराधी तत्वों से सख्ती से निपटा जाए। कानून व्यवस्था में बाधा डालने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस-प्रशासन खासकर बाहरी व्यक्तियों और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखे।। सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकिंग और सख्ती बढ़ाई जाए तथा संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही अवैध दस्तावेजों के आधार पर वोटर कार्ड, आधार कार्ड और बिजली-पानी के कनेक्शन देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने गोवंश संरक्षण के लिए प्रभावी कार्यवाही करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों के ठहरने, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था करने को कहा। आपदा प्रभावितों को मानकानुसार त्वरित सहायता राशि जल्द से जल्द मिल जानी चाहिए। इसके साथ ही आपदा की चुनौतियों से पार पाने के लिए डिजास्टर वॉलंटियर, संकट मोचन दल एवं जनपद स्तर पर मॉक ड्रिल कराए जाएं। सेवा का अधिकार के तहत दिए जाने वाले विभिन्न प्रमाणपत्रों में भाषाई दिक्कत का समाधान भी मुख्यमंत्री ने आज किया। उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार के तहत दिए जा रहे विभिन्न प्रमाणपत्रों को आवेदन की इच्छानुसार भाषा में बनाकर दिया जाएगा। यदि कोई अंग्रेजी में प्रमाणपत्र चाहता है तो उसे अंग्रेजी में और हिंदी वाले को हिंदी में प्रमाणपत्र तैयार कर दिए जाएं। मालूम हेा कि वर्तमान में प्रमाणपत्र हिंदी में दिए जा रहे हैं।

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