कनैनिस्किस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की। इसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने हमले पाकिस्तान के अनुरोध पर रोके थे। यह भी कहा कि पाकिस्तान पर हमले न तो कि अमेरिका की मध्यस्थता और न ही किसी व्यापार समझौते की पेशकश के कारण रोके गए। देश सचिव ने बताया कि मोदी और ट्रंप का शिखर सम्मेलन के इतर मुलाकात का कार्यक्रम था, लेकिन ट्रंप सम्मेलन से एक दिन पहले ही वापस लौट गए। माना जा रहा है कि ऐसा इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण हुआ। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने मोदी से बात करने पर जोर दिया, जिसके बाद फोन पर बातचीत कराई गई।
ट्रंप के साथ 35 मिनट तक हुई बातचीत में मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ शुरू किए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में जानकारी दी। दी ने ट्रंप को बताया कि भारत ने छह-सात मई की रात को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। कहा कि भारत की कार्रवाई नपी-तुली, सटीक और तनाव को और बढ़ावा न देने वाली थी। यह भी बताया कि उन्होंने ऐलान किया था कि गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा। साथ ही कहा कि भारत ने कभी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की है और भविष्य में भी कभी स्वीकार नहीं करेगा। यह भी कहा कि इस मुद्दे पर भारत में राजनीतिक एकता है। मालूम हो कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत के हमले रोकने के बाद ट्रंप करीब 14 बार दावा कर चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच उन्होंने ने संघर्ष विराम करवाया। इस बातचीत से पहले पिछले महीने ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह ट्रंप और मोदी के बीच पहली बातचीत थी। हालांकि ट्रंप के इस दावे को भारत सरकार सिरे से खारिज करती रही है। दोनों नेताओं के बीच हुए बातचीत की जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दी। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान मोदी ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के सिलसिले में व्यापार से जुड़े किसी विषय पर अमेरिका से चर्चा नहीं हुई थी। इससे पहले दोनों ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद बात हुई थी। उसमें ट्रंप ने भारत के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की थी और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उसका समर्थन किया था। मिसरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ट्रंप को बताया कि उन्हें नौ मई को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का फोन आया था और वेंस ने पाकिस्तान द्वारा बड़े हमले के बारे में आगाह किया था। मोदी ने वेंस को स्पष्ट रूप से कहा था कि अगर पाकिस्तान ऐसा करता है तो भारत और कड़ा जवाब देगा। भारत ने 9-10 मई की रात को पाकिस्तान के हमले का कड़ा जवाब दिया। भारतीय हमले में पाकिस्तान के सैन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा और उनके हवाई अड्डों को निष्क्रिय कर दिया गया।मोदी ने ट्रंप को बताया कि कड़ी कार्रवाई के कारण पाकिस्तान को भारत से सैन्य अभियान रोकने का अनुरोध करना पड़ा। इसके बाद दोनों देशों में सीधे बातचीत हुई और सैन्य कार्रवाई रोकने का निर्णय लिया था। मिसरी ने कहा कि प्रधानमंत्री की बात सुनने के बाद ट्रंप ने मुद्दे पर सहमति जताई और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत का समर्थन किया। प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कहा कि अब से भारत आतंकवाद को छद्म युद्ध नहीं बल्कि युद्ध की कार्रवाई मानेगा और ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है। दोनों नेताओं ने इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष पर भी चर्चा की। रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी दोनों ने सहमति जताई की जल्द से जल्द शांति स्थापित करने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत आवश्यक है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर ट्रंप और मोदी ने अपने विचार साझा किए और क्षेत्र में क्वाड की अहम भूमिका के लिए समर्थन जताया।
