ग्लोबल साउथ से मित्रता और मजबूत होगी : मोदी

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नई दिल्ली, देव कुमार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी पांच देशों की यात्रा ग्लोबल साउथ से मित्रता को मजबूत करेगी। साथ ही ब्रिक्स, अफ्रीकी संघ, पश्चिमी देशों के आर्थिक समुदाय (इकोवास) और कैरेबियाई समुदाय (कैरिकाम) जैसे बहुपक्षीय मंचों के साथ भारत का जुड़ाव और बेहतर होगा। वहीं त्रिनिदाद-टोबैगो से ऐतिहासिक संबंध
प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार की सुबह पांच देशों की यात्रा पर रवाना होने से पूर्व जारी बयान में यह बात कही। प्रधानमंत्री की यात्रा घाना से शुरू हो रही है। उन्होंने कहा, घाना ग्लोबल साउथ में एक मूल्यवान भागीदार है और घाना की अफ्रीकी संघ तथा पश्चिम अफ्रीकी देशों के आर्थिक समुदाय में एक महत्वपूर्ण भूमिका है। घाना के साथ भारत के ऐतिहासिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने तथा निवेश, ऊर्जा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, क्षमता निर्माण और विकास साझेदारी के क्षेत्रों में नए अवसर खोलने की आशा है। मोदी ने कहा, सहयोगी लोकतांत्रिक देशों के रूप में घाना की संसद में संबोधन मेरे लिए सम्मान की बात होगी।पीएम ने कहा कि वह 6-7 जुलाई को रियो डी जनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। एक संस्थापक सदस्य के रूप में भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में ब्रिक्स के लिए प्रतिबद्ध है। हम साथ मिलकर अधिक शांतिपूर्ण, न्यायसंगत, निष्पक्ष, लोकतांत्रिक और संतुलित बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के लिए प्रयास करते हैं। शिखर सम्मेलन के अवसर पर कई वैश्विक नेताओं से भी भेंट होगी। इसके बाद द्विपक्षीय यात्रा के लिए वे ब्राजीलिया जाएंगे, जहां राष्ट्रपति लुइज इनासिओ लूला दा सिल्वा के साथ ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने पर बात होगी। प्रधानमंत्री ने कहा, अर्जेंटीना में 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। अर्जेंटीना लैटिन अमेरिका में एक प्रमुख आर्थिक भागीदार और जी-20 संगठन में एक करीबी सहयोगी है। मैं राष्ट्रपति जेवियर माइली के साथ मुलाकात के लिए उत्सुक हूं, जिनसे मुझे पिछले वर्ष मिलने का सौभाग्य भी मिला था। हम कृषि, दुर्लभ खनिज, ऊर्जा, व्यापार, पर्यटन, प्रौद्योगिकी और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, नामीबिया एक विश्वसनीय भागीदार देश है, जिसके साथ हम उपनिवेशवाद के खिलाफ संघर्ष का एक साझा इतिहास साझा करते हैं। वे राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह से मिलने के लिए उत्सुक हैं तथा नामीबियाई संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करना भी उनके लिए सौभाग्य की बात होगी।

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