वैश्विक चुनौतियों का मुकाबला करेगी भारत-रूस की दोस्ती : मोदी

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नई दिल्ली, नीलू सिंह। भारत और रूस की दोस्ती आने वाले समय में वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देगी। हैदराबाद हाउस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ शुक्रवार को शिखर वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बातें कहीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में हमारी मित्रता वैश्विक चुनौतियां का सामना करने की शक्ति देगी। यही भरोसा हमारे साझा भविष्य को और समृद्ध करेगा। दोनों पक्ष यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र समापन के लिए प्रयास कर रहे हैं। कृषि और उर्वरक के क्षेत्र में हमारा करीबी सहयोग, खाद्य सुरक्षा और किसान कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है। इसे आगे बढ़ाते हुए अब दोनों पक्ष मिलकर यूरिया उत्पादन के प्रयास कर रहे हैं। दोनों देशों की साझेदारी से इस क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। मोदी ने कहा कि बीते आठ दशकों में दुनिया में अनेक उतार चढ़ाव आए। मानवता को अनेक चुनौतियों और संकटों से गुजरना पड़ा। इन सबके बीच भी भारत-रूस मित्रता एक ध्रुव तारे की तरह बनी रही। परस्पर सम्मान और गहरे विश्वास पर टिके ये संबंध समय की हर कसौटी पर हमेशा खरे उतरे हैं। आज हमने इस नींव को और मजबूत करने के लिए सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहयोग को नई उंचाइयों पर ले जाना हमारी साझा प्राथमिकता है। इसे साकार करने के लिए 2030 तक के लिए एक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमति बनी है। इससे व्यापार और निवेश विविध, संतुलित और टिकाऊ बनेगा और सहयोग के क्षेत्रों में नए आयाम भी जुड़ेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और रूस के बीच यूएन, जी20, ब्रिक्स, एससीओ तथा अन्य मंचों पर करीबी सहयोग रहा है। करीबी तालमेल के साथ आगे बढ़ते हुए, हम इन सभी मंचों पर अपना संवाद और सहयोग जारी रखेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाना हमारी मुख्य प्राथमिकता है। हम आईएनएसटीसी, नार्दन सी रूट तथा चेन्नई-व्लादिवोस्टोक कॉरिडोर पर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेंगे। इसके अलावा भारत रूस भारत के नाविकों को पोलर वाटर में ट्रेनिंग देगा। यह आर्कटिक में हमारे सहयोग को नई ताकत तो देगा ही, साथ ही इससे भारत के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। पोत निर्माण में हमारा गहरा सहयोग मेक इन इंडिया को सशक्त बनाने का सामर्थ्य रखता है। यह हमारे सफल सहयोग का एक और उत्तम उदाहरण है, जिससे रोजगार, कौशल और क्षेत्रीय संपर्क को बल मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा भारत-रूस साझेदारी का मजबूत और महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में हमारा दशकों पुराना सहयोग स्वच्छ ऊर्जा की साझा प्राथमिकताओं को सार्थक बनाने में महत्वपूर्ण रहा है। दुर्लभ खनिजों में हमारा सहयोग पूरे विश्व में सुरक्षित और विविध आपूर्ति श्रंखला सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे स्वच्छ ऊर्जा उच्च तकनीकी निर्माण और नए जमाने के उद्योगों में हमारी साझेदारी को ठोस समर्थन मिलेगा। भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर काम कर रहा है और कई उपलब्धियां हासिल की हैं। नागरिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए हाल ही में रूस में भारत के दो नए कौंसुलेट खोले गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क और सुगम होगा, और आपसी नजदीकियां बढ़ेंगी। अक्तूबर में लाखों श्रद्धालुओं को ‘काल्मिकिया’ में अन्तरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट फोरम में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का आशीर्वाद मिला। उन्होंने रूसी नागरिकों के लिए 30 दिन का निशुल्क टूरिस्ट ई वीजा और 30 दिन का ग्रुप टूरिस्ट ई वीजा शुरू करने का भी ऐलान किया। श्रमशक्ति की आवाजाही दोनों देशों के लिए नई ताकत और नए अवसर सृजित करेगी। इसे बढ़ावा देने के लिए दो समझौते किए गए हैं।

 

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