हल्द्वानी। इंदिरा प्रियदर्शिनी राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय, हल्द्वानी की छात्राएं शिक्षा के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का परचम लहराने को तैयार हैं।
राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ0 रितुराज पंत ने बताया कि आगामी 2 से 7 फरवरी 2026 तक पंजाब के लेहरागागा (संगरूर) में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय एकीकरण युवा शिविर (National Integration Youth Camp) में महाविद्यालय की 6 चयनित छात्राएं प्रतिभाग करेंगी। यह शिविर सुप्रसिद्ध गांधीवादी विचारक डॉ. एस. एन. सुब्बाराव (भाई जी) की 97वीं जयंती के उपलक्ष्य में नेशनल यूथ प्रोजेक्ट द्वारा आयोजित किया जा रहा है। प्राचार्य प्रो0 आभा शर्मा ने कहा कि महाविद्यालय की छात्राएं पठन-पाठन के साथ-साथ उत्तराखंड की लोक कला, लोक नृत्य, वेशभूषा और पारंपरिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस राष्ट्रीय मंच पर प्रतिभागी छात्राएं कुमाऊँनी और गढ़वाली लोक संस्कृति के माध्यम से ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करेंगी। ऐसे राष्ट्रीय शिविरों में प्रतिभाग कर छात्राएं न केवल अपने व्यक्तित्व और नेतृत्व कौशल का विकास कर रही हैं, बल्कि देशभर से आए युवाओं के बीच उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि शिविर के माध्यम से छात्राएं अनुशासन, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक सहिष्णुता और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को आत्मसात करती हैं। साथ ही यह मंच उन्हें देश की विविध संस्कृतियों को नजदीक से समझने का अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ0 गीता पंत ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह महाविद्यालय के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि उसकी छात्राएं राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करेंगी। उन्होंने कहा कि छात्राओं की यह सहभागिता न केवल महाविद्यालय की शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रमीय उपलब्धियों को दर्शाती है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में भी एक सार्थक प्रयास है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ0 फकीर सिंह, डॉ0 हिमानी, डॉ0 प्रभा साह आदि ने छात्राओं को बधाई प्रेषित की।
