लखनऊ, राजेंद्र तिवारी। सास-दामाद की शादी की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि रामपुर में अपनी होने वाली बहू पर ही ससुर का दिल आ गया। अधेड़ ससुर होने वाली पुत्रवधु को दवा दिलाने के बहाने दिल्ली ले गया और निकाह करके घर लौटा। पहले घर में जमकर लात-घूंसे चले, फिर पंचायत बैठी। बाद में दोनों को घर से बाहर निकाल दिया।
मामला थाना भोट क्षेत्र के एक गांव का है। गांव निवासी 55 वर्षीय ग्रामीण ने सालभर पहले अपने बेटे का रिश्ता अजीमनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में किया था। एक माह बाद की तारीख पर शादी भी तय हो चुकी थी। रिश्ते के बाद से ही पिता का बेटे की ससुराल में आना-जाना लगा रहता था। लेकिन यह किसी को पता नहीं था पिता बेटे की ससुराल में क्या गुल खिला रहा है। बताते हैं आठ दिन पूर्व बेटे का पिता कार लेकर उसकी ससुराल पहुंच गया।
मंगेतर को शारीरिक रूप से कमजोर होने की बात कहते हुए किसी अच्छे डॉक्टर से दवा दिलाने के लिए अधेड़ उसे अपने साथ ले गया। शाम तक नहीं लौटने पर युवती के परिजनों ने संपर्क किया तो आरोपी बोला युवती को डॉक्टरों ने भर्ती कर लिया है। दो दिन तक वापस नहीं आने पर युवती के परिजनों ने फिर संपर्क साधा तो उसने टाल-मटोल कर दी। आठ दिन बाद पिता बेटे की मंगेतर से निकाह के बाद घर लौटा तो हंगामा हो गया। इस दौरान पिता और पुत्र के बीच जमकर हाथापाई हुई। जबकि पत्नी और नव विवाहिता के बीच भी खूब लात घूंसे चले। देखते ही देखते पिता- पुत्र एक दूसरे की जान लेने पर आमादा हो गए। आस पड़ोस के लोगों ने किसी तरह मामले को शांत कराया। शाम को हुई पंचायत के दौरान पत्नी और बेटा नव विवाहित जोड़े को गांव से निकाल देने की जिद पर आ गया। बेटे और पत्नी के तेवर देख पिता अपनी दुल्हनिया को लेकर मौके से खिसक लिया। फिलहाल प्रेमी जोड़े ने अपना नया ठिकाना शहजादनगर थाना क्षेत्र के एक गांव को बना लिया है। बेटे की मंगेतर से पिता की शादी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। उधर युवती के परिजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने पूरे मामले में खामोशी बना ली है।
