
आज दिनांक 5 जून 2025 को महिला महाविद्यालय हल्द्वानी की नमामि गंगे इकाई द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस एवं गंगा दशहरा के पावन अवसर पर वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान, पौधारोपण एवं रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
कार्यक्रम की शुरुआत हल्द्वानी महापौर के मुख्य आतिथ्य में सब्जी मंडी क्षेत्र में वृहद स्वच्छता अभियान के साथ हुई, जिसमें छात्राओं एवं स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अभियान के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों की सफाई कर स्वच्छता एवं पर्यावरण चेतना का संदेश जन-जन तक पहुँचाया गया।
इसके पश्चात महाविद्यालय परिसर में प्रभारी प्राचार्य प्रो. ए.के. श्रीवास्तव द्वारा पौधारोपण किया गया। उन्होंने उपस्थित सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए कहापर्यावरण की रक्षा और स्वच्छता को जीवनशैली में अपनाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हर पौधा एक जीवन है और हर छात्रा पर्यावरण की रक्षक बन सकती है।
गंगा दशहरा के विशेष अवसर पर छात्राओं द्वारा रचनात्मक द्वार पत्र बनाए गए, जिनमें गंगा की सांस्कृतिक महत्ता, स्वच्छता और पर्यावरणीय जागरूकता को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया। ये द्वार पत्र पूरे परिसर को भावनात्मक और जागरूकता के रंगों से सजाते दिखे।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) प्रभारी एवं नमामि गंगे नोडल अधिकारी डॉ. रितुराज पंत ने छात्राओं को संबोधित करते हुए गंगा दशहरा का धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व स्पष्ट किया। उन्होंने कहा गंगा दशहरा भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। जो केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, जीवनदायिनी शक्ति और जैव विविधता का आधार हैं। इस अवसर पर स्वच्छता, जल संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति समर्पण का भाव जागृत करना अत्यंत आवश्यक है। नमामि गंगे अभियान इसी उद्देश्य को लेकर कार्य कर रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि छात्राओं की भागीदारी, पौधारोपण, स्वच्छता शपथ एवं द्वार पत्र जैसी गतिविधियाँ सामाजिक परिवर्तन की दिशा में प्रेरक कदम हैं।
इस आयोजन में हल्द्वानी ऑनलाइन सहायता समूह के संस्थापक दिनेश लोशाली ने भी सहभागिता की और कहा युवाओं की सकारात्मक भागीदारी से ही पर्यावरणीय सुधार संभव है। जब शिक्षा संस्थान ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम करते हैं, तो पूरे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
