वाराणसी, राजेंद्र तिवारी।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय 39 जीटीसी में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर विद्यालय की शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. सीबीपी वर्मा ने कहा कि नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं है, बल्कि वह समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे बड़ी प्रेरणा भी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। डॉ. वर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को हमेशा सम्मान और शक्ति का प्रतीक माना गया है। हमारे देश में मां, बहन और बेटी के रूप में महिलाओं की भूमिका केवल परिवार तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, राजनीति, खेल और सामाजिक सेवा जैसे अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षिका के रूप में महिलाएं केवल पाठ्यपुस्तक का ज्ञान ही नहीं देतीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और जीवन मूल्यों को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय समाज का एक छोटा रूप होता है और यहां शिक्षिकाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। शिक्षिकाएं अपनी संवेदनशीलता, धैर्य और समर्पण के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल पढ़ाई में बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। डॉ. वर्मा ने कहा कि जब एक महिला शिक्षित और सशक्त होती है, तो उसका प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसलिए महिला शिक्षा और सशक्तीकरण को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्राचार्य ने यह भी कहा कि आज के बदलते दौर में महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि वे किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में कार्यरत शिक्षिकाएं भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कर रही हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वे विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बनाती हैं, जो भविष्य के एक सशक्त और जिम्मेदार नागरिक के निर्माण में सहायक होता है।
