शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसद में जमकर हंगामा
नई दिल्ली, नीलू सिंह। शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया। भारी शोर-शराबे के बीच लोकसभा में सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित की गई। इसके बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा में विपक्ष ने एसआईआर पर तत्काल चर्चा नहीं कराए जाने पर सदन से वॉकआउट किया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही शुरू की। उन्होंने सदन को दिवंगत पूर्व सदस्यों के निधन की जानकारी दी और सदन ने मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद उन्होंने महिला विश्वकप क्रिकेट, महिला कबड्डी विश्वकप में भारत की जीत पर हर्ष व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी दलों के सदस्य अपनी अपनी सीट पर खड़े हो गए और शोर-शराबा करने लगे। विपक्ष ने एसआईआर का मुद्दा उठाते हुए सदन में चर्चा की मांग की। विपक्षी दलों ने दो टूक कहा कि एसआईआर समेत अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा चाहता है। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मांग की कि एसआईआर पर चर्चा तुरंत शुरू होनी चाहिए। उन्होंने सत्तारूढ़ दल से कहा कि वह विपक्ष को बांटने का प्रयास नहीं करे। वहीं, सत्ता पक्ष ने कहा कि विपक्ष एसआईआर, चुनाव सुधारों पर चर्चा के समय के लिए कोई शर्त नहीं रखे। विपक्ष के तेवरों से साफ है कि मंगलवार को एसआईआर के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल संसद चुनाव सुधारों पर चर्चा की मांग करते हुए मंगलवार को संसद परिसर में प्रदर्शन कर सकते हैं। हो-हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने शीतकालीन सत्र का पहला दिन है और सभी सदस्यों से अपेक्षा है कि वे रचनात्मक भागीदारी निभाएं। लोकतंत्र में सहमति और असहमति होती रहती है, वैचारिक मतभेद भी होते हैं, पर चर्चा से समाधान निकलता है। संसद के मासनूस सत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और हमें अच्छी परिपाटियां और परंपराएं स्थापित करनी चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह सदन नारेबाजी और तख्तियां दिखाने के लिए नहीं है। हमें जनता की कठिनाई, चुनौतियों और मुद्दों पर चिंता करनी चाहिए। विपक्षी दलों की मांग और भारी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही दोपरह 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने सदन के पटल पर अहम दस्तावेज रखे। हंगामे के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक और स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक पेश किया। विधेयक पर चर्चा के लिए पीठासीन सभापति ने सदस्यों से नारेबाजी बंद करने और सदन चलने देने की अपील की। हंगामा नहीं थमने पर सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर पीठासीन सभापति कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने विपक्ष के हंगामे के बीच ही मणिपुर माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक पर चर्चा शुरू कराई। सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। उच्च सदन में भी एसआईआर के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने तीखे तेवर दिखाए। विपक्ष ने इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा नहीं कराए जाने पर सदन से बहिर्गमन किया। सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई विपक्षी दलों के नेताओं ने इस पर चर्चा कराने की मांग की। विपक्ष ने इस मांग को लेकर सदन में हंगामा भी किया और फिर वॉकआउट किया। इसके पहले तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने सभापति के स्वागत में भाषण के दौरान भी यह मुद्दा उठाया था।
