भारत और अमेरिका में व्यापार समझौते के बाद सदन में हंगामा

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नई दिल्ली, नीलू सिंह। भारत और अमेरिका के बीच सोमवार को व्यापार समझौते पर सहमति बनने के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में बूम नजर आया। उधर, मंगलवार को बजट सत्र के दौरान सदन में विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की तो जमकर हंगामा हुआ। रूस को तेल खरीदे रोके जाने के संबंध में भारत से कोई संदेश नहीं मिला है।
अमेरिका ने सोमवार को भारतीय उत्पादों पर 25 फीसदी टैरिफ को सात फीसदी घटाकर 18 फीसदी टैरिफ करने की घोषणा की। ट्रंप की इस घोषणा से जहां सत्तापक्ष उत्साहित नजर आया, वहीं विपक्ष हमलावर दिखा। मंगलवार को विपक्षी दलों के सदस्यों ने लोकसभा और राज्यसभा में भारत-अमेरिका डील का मुद्दा उठाया। केंद्र सरकार पर अमेरिका के दबाव में आने का आरोप लगाया। लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के वजह से सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई। लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए बैठक भी की थी, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार भयंकर दबाव में हैं, इसलिए उसने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका को खुश करने के लिए देश के किसानों की अनदेखी की गई। राज्यसभा में कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि इस समझौते से जुड़ी जानकारी संसद के बजाय वाशिंगटन से मिली। विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने उनका समर्थन किया। विपक्ष ने मांग की कि इस मुद्दे पर संसद को विश्वास में लिया जाए। समझौते के मसौदे को सदन के पटल पर रखा जाए। विपक्ष ने इस पर व्यापक चर्चा की मांग करते हुए राज्यसभा से वॉकआउट किया। हंगामे पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि विपक्ष की हताशा सामने आ रही है। वह अच्छी बातों में भी बुराई देखने लगा है। कहा कि मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा के लिए तैयार है और समझौते का हर छोटा-बड़ा विवरण देने को भी तैयार है। सरकार इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए वक्तव्य देगी। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस ऐलान के बाद मंगलवार को सेंसेक्स ने धमाकेदार शुरुआत करते हुए 4,205.27 अंक यानी 5.14 प्रतिशत की छलांग लगाई। निफ्टी ने भी 1,252.80 अंक यानी 4.99 प्रतिशत की तेजी के साथ अपनी पहली चार अंकीय बढ़त दर्ज की। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 2,073 अंक और निफ्टी 639 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। दूसरी तरफ रुपये ने डॉलर के मुकाबले एक कारोबारी सत्र में 122 पैसे या 1.33 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। कारोबार के अंत में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.27 (अस्थायी) पर बंद हुआ। तीन दिन की ताबड़तोड़ बिकवाली के बाद एमसीएक्स वायदा बाजार में सोना-चांदी में खरीदारी लौटी। सोना जहां 6607 रुपये यानी 4.66 फीसदी की बढ़त के साथ 1.48 लाख पर बिक रहा था, वहीं बीते तीन दिन में करीब डेढ़ लाख रुपये का झटका खा चुकी चांदी 12 फीसदी यानी 28 हजार रुपये की तेजी के साथ 2.71 लाख पर जा पहुंची। वहीं मॉस्कों में रूस को तेल खरीदे रोके जाने के संबंध में भारत से कोई संदेश नहीं मिला है। मंगलवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस हर संभव तरीके से भारत के साथ अपने संबंधों को विकसित करना चाहता है। उनकी यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे के एक दिन बाद आई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका और वेनेजुएला से बहुत अधिक तेल खरीदने पर सहमति व्यक्त की है। गौरतलब है कि 2021 तक भारत के आयात किए गए कच्चे तेल में रूसी तेल का हिस्सा मुश्किल से 0.2 प्रतिशत था। दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक भारत फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद पश्चिमी देशों द्वारा मॉस्को से दूरी बनाने के बाद रियायती रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया था।

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