अल्ट्रासाउंड हेलमेट से अब होगा मानसिक बीमारियों का इलाज

अंतरराष्ट्रीय

लंदन। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा अल्ट्रासाउंड हेलमेट बनाया है जो दिमागी बीमारियों का इलाज करेगा। इसकी मदद से पार्किंसन, अवसाद जैसी कई दिमागी बीमारियों में को फायदा मिलेगा और साथ ही सर्जरी की जरूरत भी कम होगी। इसे यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने बनाया है। यह नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुआ है। वैज्ञानिकों ने बताया कि यह हेलमेट बिना ऑपरेशन किए दिमाग के गहरे हिस्सों को सटीक तरीके से तेजी से सक्रिय कर सकता है।
वैज्ञानिकों ने ये अल्ट्रासाउंड हेलमेट कुछ लोगों पर आजमाया। उन्होंने इस दौरान दिमाग के उस हिस्से (एलजीएन) को लक्ष्य बनाया जो आंखों से आने वाली तस्वीरों और रोशनी की जानकारी को संभालता है। इस दौरान दो टेस्ट किए। पहले टेस्ट में लोगों को चमकती हुई तस्वीर दिखाई गईं। जब हेलमेट से एलजीएन (लेट्रल जेनिक्यूलेट न्यूक्लियस) को सक्रिय किया गया तो दिमाग का तस्वीर वाला हिस्सा और ज्यादा सक्रिय हो गया। दूसरे टेस्ट में कुछ देर बाद, हेलमेट लगाने के बाद उसी तस्वीर वाले हिस्से की गतिविधि कम हो गई और करीब 40 मिनट तक कम ही रही। यानी ये हेलमेट दिमाग की गतिविधि को सिर्फ तुरंत ही नहीं बदलता, बल्कि लंबे समय तक असर डाल सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा कि ये हेलमेट दिमाग के किसी हिस्से को चालू भी कर सकता है और जरूरत पड़ने पर धीम भी कर सकता है। ये असर काफी देर तक बना रह सकता है।
खतरनाक और स्थायी प्रक्रिया : पार्किंसन जैसी बीमारियों में अभी डीप ब्रेन स्टिम्युलेशन (डीबीएस) का इस्तेमाल होता है। इसमें सिर में सर्जरी करके इलेक्ट्रोड डाले जाते हैं और दिमाग को इलेक्ट्रिक झटके दिए जाते हैं। यह तरीका बहुत कठिन और जोखिम वाला होता है। इसका उद्देश्य दिमाग के कुछ विशेष हिस्सों को इलेक्ट्रिक सिग्नल भेजकर सामान्य गतिविधि को नियंत्रित करना होता है। यह हाथ या शरीर के झटकों को कम करता है। साथ ही दिमाग की गतिविधियों को संतुलित करता है। हालांकि इसमें संक्रमण का जोखिम होता है। कुछ मामलों में इलेक्ट्रोड का स्थान बदलना पड़ सकता है। लेकिन यह नया हेलमेट बिना ऑपरेशन, सुरक्षित और वापस बदलने लायक है। वैज्ञानिकों ने एक कंपनी न्यूरोहारमोनिक्स बनाई है। वे एक ऐसे पोर्टेबल और पहनने वाले हेलमेट बनाने पर काम कर रहे हैं। भविष्य में इस मशीन का इस्तेमाल घर या अस्पताल में आसानी से हो सकेगा।

 

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