हल्द्वानी, गौरव जोशी। हाईकोर्ट ने सितारगंज सेंट्रल जेल में बंद एक कैदी के साथ मारपीट करने के मामले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की रिपोर्ट का संज्ञान लिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने डिप्टी जेलर नवीन चौहान और कांस्टेबल राम सिंह कपकोटी को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही इसमें शामिल अन्य लोगों के नाम भी कोर्ट में पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। मामले की सुनवाई बुधवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. नरेंदर और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में हुई। कोर्ट ने कहा कि जेलों में इस तरह की घटनाएं क्यों हो रही हैं, जो जेल नियमों के खिलाफ है। मामले के अनुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऊधमसिंह नगर के सचिव योगेंद्र कुमार सागर ने 11 जुलाई 2025 को जेल का निरीक्षण किया। 14 जुलाई को अपनी रिपोर्ट पेश की। निरीक्षण के दौरान उनकी मुलाकात कैदी सुभान से भी हुई, जो काफी डरा-सहमा था। उसके शरीर में कई घाव थे। कैदी सुभान ने उन्हें बताया कि उसके साथ 28 जून को डिप्टी जेलर, कांस्टेबल समेत अन्य ने मारपीट की। जब कैदी से पूछताछ चल रही थी, तो बंदीरक्षक एवं अन्य लोग इशारा कर उसे धमकाने की कोशिश करने लगे। इसका संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण सचिव ने मामले में जल्द कार्रवाई करने के आदेश दिए और अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेजी। कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए डिप्टी जेलर और एक कांस्टेबल को निलंबित करने के आदेश पारित किए। बुधवार को सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन की ओर से कैदी सुभान को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसकी चोटों को भी देखा। आरोपी पॉक्सो ऐक्ट के मामले में 2024 से जेल में बंद है। कैदी के साथ मारपीट करने वालों में अनिल यादव और सुनील शर्मा का नाम भी सामने आया है। सुनवाई पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। कोर्ट ने उनसे आगे भी जेल का समय-समय पर निरीक्षण करने को कहा है।
