हजारीबाग में एक करोड़ के इनामी समेत तीन नक्सली मारे गए

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रांची। झारखंड में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। हजारीबाग जिले के गोरहर थाना क्षेत्र के पातितिरी में सोमवार सुबह हुई मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी सहदेव सोरेन समेत तीन नक्सली मारे गए। मारे गए दो अन्य नक्सलियों में रघुनाथ हेम्ब्रम व 25 लाख और रामखेलावन उर्फ बिरसेन गंझू पर 10 लाख का इनाम था। मारे गए नक्सलियों के पास से तीन एके-47 समेत भारी मात्रा में हथियार मिले हैं।
गिरिडीह जिले की सीमा पर हुई इस मुठभेड़ के बाद डीजीपी अनुराग गुप्ता घटनास्थल पर पहुंचे और जवानों का हौसला बढ़ाया। बाद में उन्होंने हजारीबाग में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि नक्सलियों के पास से तीन एके-47 राइफल, पांच मैगजीन, तीन सौ कारतूस, नगदी और डायरी मिली है। मुठभेड़ में कोबरा बटालियन 209 के दो जवान घायल हुए हैं। कोलकाता निवासी सुब्रतो विश्वास को जबड़े में चोट आई है, जबकि असम निवासी अजय भौमिक के पैर में गोली लगी है। दोनों को रांची रेफर किया गया है। वहीं हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि पातितिरी जंगल और आसपास के इलाके में लंबे समय से नक्सलियों की गतिविधियों की सूचना पर इलाके में सर्च सर्च अभियान चलाया गया था। इसी दौरान सोमवार तड़के मुठभेड़ हुई। केन्द्रीय कमेटी सदस्य प्रवेश दा उर्फ सहदेव सोरेन हजारीबाग के विष्णुगढ़ का था। वह 2007 में गिरिडीह जिले के चिलखारी में हुए नरसंहार में शामिल था। इस घटना में भाजपा प्रदेश अद्यक्ष बाबूलाल मारंडी के बेटे और भाई समेत 20 लोग मारे गए थे। सहदेव का कार्यक्षेत्र बीते दो साल से बोकारो, हजारीबाग और गिरिडीह में था। इसके पहले वह जमुई, मुंगेर, लखीसराय और बांका में सक्रिय था। वर्ष 1990-91 में नक्सलियों से जुड़ा था। रघुनाथ हेम्ब्रम गिरिडीह जिले के डुमरी का रहने वाला था। उसका कार्यक्षेत्र भी बोकारो, हजारीबाग और गिरिडीह था। उसपर कुल 58 मामले दर्ज हैं। वह 1993 में माओवादियों के साथ जुड़ा था। 1998 के आम चुनाव के दौरान बीएसएफ की गाड़ी उड़ाने में वह शामिल था। इस घटना में कई जवान शहीद हुए थे । वहीं 1998 में बोकारो के चतरो चट्टी के पुलिस शिविर को उड़ाने में भी रघुनाथ की संलिप्तता थी। 1998 में ही उसने अपने दस्ते के साथ विष्णुगढ़ में सात लोगों की हत्या कर दी थी। दस लाख का इनामी बिरसेन गंझू उर्फ रामखेलावन भी सुरक्षाबलों के साथ हुई कई मुठभेड़ों में शामिल था। हजारीबाग के केरेडारी के बकचुंबा निवासी बिरसेन के खिलाफ 36 केस दर्ज हैं। वह 2015 में सारंडा से वापस आते समय तैमारा घाटी में पुलिस के साथ मुठभेड़ में शामिल रहा था। इसके अलावा 2022 में डाकासाढ़ोम और धमधड़वा मुठभेड़ में भी वह शामिल रहा था।हजारीबाग में हुई मुठभेड़ में तीन नक्सलियों के ढेर होने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने एक्स हैंडल पर कहा कि यह सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी है। इस ऑपरेशन के बाद उत्तरी झारखंड के बोकारो क्षेत्र से नक्सलवाद पूरी तरह से समाप्त हो गया है। जल्द ही पूरा देश नक्सलवाद से मुक्त होगा।

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