एनसीसी शिविर : कैडेटों ने ड्रिल एवं योगा में दिखाया दम

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वाराणसी। संत अतुलानंद आवासीय विद्यालय होलापुर में चल रहे एनसीसी प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दिन कैडेटों को विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिला, जिससे उनके कौशल और क्षमता में वृद्धि हुई।
शिविर के तीसरे दिन हुई गतिविधियों के बारे में बताते हुए एनसीसी अफसर मोहम्मद इमरान अंसारी ने बताया कि कैडेटों को ड्रिल एवं योगा का अभ्यास कराया गया। इस अभ्यास के माध्यम से कैडेटों को शारीरिक अनुशासन और मानसिक शांति की महत्ता के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान कैडेटों ने अपना पूरा दम दिखाया। योगा के अभ्यास से कैडेटों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत मिलती है। शस्त्र प्रशिक्षण के दौरान कैडेटों को सेक्शन फॉर्मेशन से परिचित कराया गया। पी आईं स्टाफ ने पॉइंट .22 राइफल की बनावट, उसकी विशेषताएं और एनसीसी में उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इस प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेटों को शस्त्र संचालन और सुरक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। अतुलानंद के प्रधानाचार्य डॉक्टर अविनाश पांडेय ने तनाव प्रबंधन पर आधारित विषय पर छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने तनाव को प्रबंधित करने के विभिन्न तरीकों और तकनीकों के बारे में जानकारी दी, जिससे कैडेटों को अपने जीवन में तनाव को कम करने में मदद मिलेगी। पीआई स्टाफ ने मैप रीडिंग के बारे में कैडेटों को उसकी महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मैप को पढ़ने और उसका उपयोग करने के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया। ट्रेनिंग जेसीओ ने शिविर के प्रकार के बारे में बताया और कैडेटों को विभिन्न प्रकार के शिविरों के बारे में जानकारी दी। कर्नल शैलेश कुमार ने कैंडेटों को अग्नि वीर योजना के अंतर्गत भारतीय सेवा में सम्मिलित होने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कैडेटों को इस योजना के लाभों और महत्व के बारे में जानकारी दी और उन्हें इस योजना में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल राकेश रोशन ने कर्नल शैलेश कुमार एवं डॉ अविनाश पांडेय को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने दोनों गणमान्य व्यक्तियों के योगदान और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। एनसीसी अधिकारी उषा बालचंदानी ने कैडेटों को सांस्कृतिक कार्यक्रम का अभ्यास कराया। इस अभ्यास के माध्यम से कैडेटों को अपनी सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों के बारे में जानकारी दी गई और उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

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