वाशिंगटन। अमेरिका और रूस में फिर तनातनी बढ़ने के आसार दिखने लगे हैं। अमेरिका ने अटलांटिक महासागर में वेनेजुएला से जुड़े एक रूसी तेल टैंकर को जब्त किया है, जिसके बाद अमेरिका और रूस के बीच तनाव बढ़ गया है। वॉशिंगटन का कहना है कि यह कार्रवाई वेनेजुएला पर लगाए गए तेल प्रतिबंधों के उल्लंघन के खिलाफ की गई है, जबकि मॉस्को ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्र में की गई ‘समुद्री डकैती’ बताया है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मेरीनेरा नाम का यह टैंकर पहले बेला-1 के नाम से जाना जाता था और कैरेबियाई सागर में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी से बच निकलने के बाद इसका नाम और झंडा बदल दिया गया था। अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इसे रोकने की कोशिश की थी, लेकिन पोत ने जांच से इनकार कर दिया। अब इसे आइसलैंड के पास अटलांटिक महासागर में अमेरिकी कोस्ट गार्ड और सेना ने मिलकर जब्त किया। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा, प्रतिबंधित वेनेजुएलियाई तेल के खिलाफ नाकेबंदी दुनिया में हर जगह लागू है। जब्ती के दौरान क्षेत्र में रूसी सैन्य पोत और एक पनडुब्बी की मौजूदगी की भी जानकारी सामने आई, हालांकि किसी तरह के सीधे टकराव की सूचना नहीं है। वहीं, ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ब्रिटेन ने तेल टैंकर को जब्त करने की अमेरिकी कार्रवाई में सहयोग किया है। इसी कड़ी में अमेरिका ने वेनेजुएला से जुड़े एक और पोत एम सोफिया को भी रोका है। पनामा के झंडे वाला यह पोत तेल ढोने के लिए काम में लाया जा रहा था। इसे अंतिम कार्रवाई के लिए अमेरिका ले जाया जा रहा है। वहीं रूस के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि अमेरिकी नौसैनिक बलों द्वारा पोत पर कब्जा करने के बाद उससे रूस का पूरा संपर्क टूट गया है। वहीं, सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी के वरिष्ठ नेता आंद्रेई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्र में किसी अन्य देश के झंडे वाले पोत को जब्त करना अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन है।
