ग्रीनलैंड पर टैरिफ धमकी के बाद ट्रंप पर भड़का यूरोपीय संघ

अंतरराष्ट्रीय

ब्रुसेल्स। ग्रीनलैंड मामले में अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी के बाद यूरोपीय संघ भड़क गया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा इससे संबंधों में गिरावट आने का दौर शुरू होगा। ट्रंप ने शनिवार को चेतावनी दी थी कि यदि डेनमार्क और अन्य यूरोपीय देश ग्रीनलैंड को अमेरिका को बेचने पर सहमत नहीं होते, तो 1 फरवरी से उन पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा, जो 1 जून, 2026 से बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाएगा। ट्रंप लंबे समय से ग्रीनलैंड को कब्जाने की बात कहते रहे हैं। उनका दावा है कि इसकी रणनीतिक स्थिति और खनिज संसाधन अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेटसोला ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है और उसकी संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। उनका यह बयान ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के प्रस्ताव का विरोध करने वाले यूरोपीय सहयोगियों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी दिए जाने के बाद आया है। उन्होंने एक्स पर कहा कि यूरोपीय संघ डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों का समर्थन करता है। हम एकजुट और दृढ़ संकल्प के साथ उनके साथ खड़े हैं।
वहीं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि टैरिफ अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों को कमजोर करते हैं। उन्होंने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ पूर्ण एकजुटता जताते हुए नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद सुलझाने के लिए संवाद पर जोर दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि ईयू ग्रीनलैंड के लोगों के साथ पूरी तरह एकजुट है। हम पिछले सप्ताह डेनमार्क और अमेरिका के बीच शुरू हुई प्रक्रिया पर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लेयेन ने अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए डेनमार्क की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांत हैं। ये यूरोप और पूरी अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के लिए जरूरी हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड में ईयू देशों द्वारा हालिया सैनिक तैनाती डेनमार्क द्वारा पहले से समन्वित अभ्यास का हिस्सा है। यह तैनाती किसी के लिए कोई खतरा नहीं है। ट्रंप के टैरिफ लगाने की धमकी के बाद ईयू ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत रोक दी है। ईयू ने यह कदम डेनमार्क और संघ के कई देशों पर अमेरिका द्वारा आयात शुल्क लगाने की चेतावनी के बाद उठाया है। ईयू के नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ये आयात शुल्क संघ और अमेरिका के संबंधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यूरोपीय पीपुल्स पार्टी के उपाध्यक्ष सिगफ्रीड मुरेसान ने एक्स पर पोस्ट कर प्रक्रिया को टालने की पुष्टि की। बढ़ते तनाव के जवाब में डेनमार्क ने ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है, जबकि जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस, नॉर्वे और नीदरलैंड ने भी छोटी सैन्य टुकड़ियां भेजी हैं। यूरोपीय नेताओं ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के किसी भी अमेरिकी प्रयास का नाटो और अटलांटिक के दोनों ओर की सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

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