नई दिल्ली, नीलू सिंह। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने असम में अपने शासनकाल के दौरान वोट के लिए घुसपैठियों को जमीन सौंप दी।
प्रधानमंत्री ने 6,957 करोड़ रुपये की लागत से काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखी और दो अमृत भारत ट्रेनों डिब्रूगढ़-गोमती नगर (लखनऊ) और कामाख्या-रोहतक एक्सप्रेस को डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाई। यहां के नगांव जिले में आयोजित रैली में उन्होंने आरोप लगाया कि असम में कांग्रेस शासन के दौरान दशकों तक घुसपैठ बढ़ती रही और अवैध प्रवासी वनों, जानवरों के गलियारों और पारंपरिक संस्थानों पर अतिक्रमण करते रहे। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार घुसपैठियों को निष्कासित करके असम की पहचान और संस्कृति की रक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि घुसपैठिए पूर्वोत्तर राज्य में जनसांख्यिकी संतुलन को बिगाड़ रहे हैं और यहां की समृद्ध संस्कृति पर हमला कर रहे हैं। यही नहीं, वे गरीबों और युवाओं से रोजगार छीन रहे हैं और आदिवासी क्षेत्रों में जमीनों पर अवैध कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने लोगों को कांग्रेस से सतर्क रहने की चेतावनी दी और कहा कि विपक्षी दल घुसपैठियों की रक्षा और सत्ता हासिल करने की नीति पर चल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, कांग्रेस ने लोगों का भरोसा खो दिया है क्योंकि वह नकारात्मक राजनीति करती है। मोदी ने कहा, मतदाता सुशासन और विकास के लिए भाजपा पर भरोसा करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि असम का विकास पूरे पूर्वोत्तर के लिए अवसर खोल रहा है और एक्ट ईस्ट पॉलिसी को एक नई दिशा मिली है, जो क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। मोदी ने आरोप लगाया कि जब केंद्र में कांग्रेस की सत्ता थी तो असम को रेल बजट में केवल 2,000 करोड़ रुपये मिलते थे, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे पांच गुना से अधिक बढ़ाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये सालाना कर दिया। उन्होंने कहा, इस निवेश ने बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा दिया है। इससे नए रेल मार्ग, डबलिंग और विद्युतीकरण से रेलवे क्षमता व यात्री सुविधाओं में भारी सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री ने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि काजीरंगा सिर्फ राष्ट्रीय उद्यान नहीं है, बल्कि असम की आत्मा और देशी की जैव विविधता का अमूल्य रत्न है। यह कॉरिडोर वन क्षेत्र को सुरक्षित रखते हुए यातायात को सुचारू करेगा। इससे ऊपरी असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। कलियाबोर से नुमालीगढ़ तक लगभग 90 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है। इसमें लगभग 35 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वन्यजीव कॉरिडोर भी शामिल है।
