बैंकॉक। थाईलैंड-कंबोडिया के बीच गुरुवार को हुआ खूनी संघर्ष शुक्रवार को तेज हो गया। कंबोडियाई सेना ने थाईलैंड के सीमावर्ती इलाकों पर रॉकेट हमले किए।
बता दें कि कंबोडिया और थाईलैंड लगभग 817 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं। दोनों देश के बीच 118 साल पहले हुए सीमा समझौते को विवाद का कारण माना जाता है। इस विवाद के केंद्र में शिव भगवान का प्रीह विहियर मंदिर था, जिस पर दोनों देश अपना-अपना दावा करते हैं। गुरुवार को भी सीमा विवाद को लेकर संघर्ष शुरू हुआ था। थाई सेना ने बताया कि शुक्रवार तड़के फिर हमले किए गए। सीमा से लगे कई इलाकों, प्राचीन ता मुएन थॉम मंदिर के पास भी संघर्ष हुआ।
सीमा के पास धमाकों की आवाज सुनी गईं। कंबोडियाई सेना ने भारी तोपखाने और रूस निर्मित बीएम-21 रॉकेट लॉन्चरों का इस्तेमाल किया, जिसके जवाब में थाई सेना ने जवाबी गोलीबारी की। थाई अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को हुए संघर्ष में उसके छह सैनिक और 13 नागरिक मारे गए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, जबकि 29 सैनिक और 30 नागरिक घायल हुए हैं। कंबोडिया ने शुक्रवार को अपने एक नागरिक के मारे जाने और चार नागरिकों के घायल होने की पुष्टि की।
कंबोडियाई शिक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि शुक्रवार को दो थाई रॉकेट ओड्डार मींचे में एक स्कूल परिसर में गिरे, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। इसने कहा कि प्रांत के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। थाई सेना ने कंबोडिया में नागरिक स्थलों को निशाना बनाने से इनकार किया और कंबोडिया पर आवासीय क्षेत्रों के पास अपने हथियार तैनात करके मानव ढाल का उपयोग करने का आरोप लगाया। बढ़ते संघर्ष के बीच थाई सेना ने चार प्रांतों से एक लाख लोगों को सीमावर्ती इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। कंबोडियाई अधिकारियों ने कहा कि 23,000 से ज्यादा लोग सीमा के पास के इलाकों से निकल गए हैं। थाईलैंड के सिसाकेत प्रांत में, शुक्रवार को निकासी का आदेश मिलने के बाद, और भी ग्रामीण अपना सामान लेकर कारों, ट्रकों और मोटरसाइकिलों के साथ घरों से निकल पड़े। सीमा पार कंबोडिया में, ओड्डार मींचे प्रांत के बाहरी इलाके के गांव ज्यादातर वीरान पड़े थे। घरों में ताले लगे थे, कुछ ग्रामीणों ने पहले ही अस्थायी भूमिगत बंकर बनाने के लिए गड्ढे खोद लिए थे। थाईलैंड में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर जारी अशांति के बीच सात प्रांतों की यात्रा करने से बचने का आग्रह किया गया। भारतीय दूतावास ने एक पोस्ट में कहा, थाईलैंड-कंबोडिया सीमा के पास की स्थिति को देखते हुए, थाईलैंड जाने वाले सभी भारतीय यात्रियों को सलाह दी जाती है कि स्थिति पर नजर बनाए रखें और उबोन रत्चथानी, सुरीन, सिसाकेट, बुरीराम, सा काओ, चन्थाबुरी और ट्राट प्रांतों की यात्रा से बचें।
