महाराष्ट्र निकाय चुनावों में भाजपा गठबंधन का परचम

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मुंबई। महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया है। महायुति ने राज्य के अधिकांश नगर निगमों में बढ़त हासिल की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महायुति बीएमसी समेत 29 में से 25 महानगरपालिका में सरकार बनाने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी निकाय चुनावों के नतीजों पर प्रदेश की जनता को धन्यवाद कहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि धन्यवाद महाराष्ट्र! राज्य की ऊर्जावान जनता ने एनडीए के जनहितैषी सुशासन के एजेंडे को आशीर्वाद दिया है! नगर निगम चुनावों के परिणाम दर्शाते हैं कि प्रदेश की जनता के साथ राजग का संबंध और भी गहरा हुआ है। महाराष्ट्र भर की जनता के प्रति मेरी कृतज्ञता। यह वोट प्रगति को गति देने और राज्य की गौरवशाली संस्कृति का जश्न मनाने का प्रतीक है।
देश की सबसे अमीर महानगरपालिका बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में महायुति ने जीत का रिकॉर्ड बनाते हुए स्पष्ट बहुमत की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। बीएमसी में भाजपा-शिवसेना 227 सीटों में से 105 सीटों पर आगे चल रही है। भाजपा 79 सीटों पर आगे है, जबकि शिंदे की शिवसेना 26 सीटों पर आगे है। वहीं शिवसेना (यूबीटी) 68 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
अब तक मिले रुझानों के मुताबिक, भाजपा ने पुणे, ठाणे, उल्हासनगर, पिंपरी चिंचवाड, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर सहित कई शहरों में शानदार प्रदर्शन किया है, जबकि वह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ गठबंधन में बीएमसी पर उद्धव ठाकरे नीत पार्टी के वर्चस्व को समाप्त करने की ओर अग्रसर है। जालना महानगरपालिका चुनाव में भाजपा ने शानदार जीत हासिल की है। पार्टी ने 65 में से 41 सीट जीतकर पहली बार इस शहर के नगर निकाय में बहुमत हासिल किया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश में बीएमसी सहित 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव में जनता ने महायुति को वोट दिया क्योंकि वे ईमानदारी और विकास चाहते हैं। जीत का जश्न के लिए आयोजित रैली में फडणवीस ने कहा कि यह जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा अपनाई गई नीतियों में महाराष्ट्र की जनता के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने कहा, बालासाहेब ठाकरे के आशीर्वाद से महायुति को जीत हासिल करने में मदद मिली। गौरतलब है कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) का चुनाव कई राज्‍यों के चुनाव से भी ज्‍यादा चर्चा में है। यहां जीत का मतलब महाराष्‍ट्र की राजनीति में सेमीफाइनल जीतने के समान है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है। यहां का मतदाता किस तरफ झुक रहा है, यह पूरे महाराष्ट्र के मिजाज को तय करता है। इस बार का चुनाव इसलिए खास है क्योंकि शिवसेना में हुई बड़ी टूट (शिंदे बनाम ठाकरे) के बाद यह शक्ति परीक्षण का पहला बड़ा मौका है। बीएमसी देश का सबसे अमीर महानगरपालिका है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बीएमसी का सालाना बजट 74,427 करोड़ रुपये है, जो न केवल भारत, बल्कि एशिया की सबसे धनी नगर पालिका है। बीएमसी का बजट दिल्ली नगर निगम से चार गुना और चेन्नई नगर निगम से आठ गुना बड़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एमसीडी का कुल प्रस्तावित बजट लगभग ₹17,002 करोड़ रुपये था। वहीं, चेन्नई का बजट सिर्फ 8,404 करोड़ रुपये है। यही नहीं, गोवा, सिक्किम, मिजोरम और हिमाचल प्रदेश जैसे नौ राज्य ऐसे हैं, जिनका पूरा राज्य बजट बीएमसी के बजट से कम है।

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