उर्वशी रौतेला, युवराज सिंह, सोनू सूद की संपत्तियां जब्त

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नई दिल्ली, नीलू सिंह। सट्टेबाजी ऐप 1एक्स-बेट से जुडे धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने उर्वशी रौतेला समेत सात लोगों की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। इनमें फिल्म जगत से जुड़ी पांच और क्रिकेट से जुड़ी दो हस्तियों की संपत्तियां जब्त कर ली गई हैं। इनमें अभिनेता सोनू सूद, अभिनेत्रियां उर्वशी रौतेला, नेहा शर्मा और क्रिकेटर युवराज सिंह शामिल हैं। खास बात यह है कि जांच अब राजनीतिक शख्सियतों तक पहुंच गई है। जिन लोगों की संपत्तियां जब्त हुई हैं, उनमें अभिनेत्री और पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती भी हैं। ईडी ने ताजा कार्रवाई में जिन सात लोगों पर कार्रवाई की है, उनकी संपत्तियों का कुल मूल्य 7.93 करोड़ रुपये होने का आकलन है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय अब तक कुल 19 करोड़ की संपत्तियां जब्त कर चुका है। ईडी ने इन संपत्तियों को ‘अपराध से मिली रकम’ (धनशोधन मामले से अर्जित अवैध आय) के तौर पर वर्गीकृत किया है।
प्रवर्तन निदेशालय की ओर से शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार, कथित सट्टेबाजी ऐप 1एक्स-बेट से जुड़े धनशोधन मामले में लंबे समय से जांच कर रहा है। इस मामले में कई राज्यों में मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। फिल्म जगत, क्रिकेट से जुड़ी कई हस्तियों पर इस ऐप का प्रचार कर भारत में इसे बढ़ावा देने के आरोप हैं। ईडी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस मामले में जांच और पूछताछ के बाद अभिनेता सोनू सूद, अभिनेत्री उर्वशी रौतेला की मां मीरा रौतेला, नेहा शर्मा, बांग्ला अभिनेता अंकुश हाजरा, पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह व रॉबिन उथप्पा की संपत्तियां जब्त कर ली गई हैं। मामले में 2019 से फरवरी 2024 तक तृणमूल कांग्रेस की सांसद रहीं अभिनेत्री और मॉडल मिमी चक्रवर्ती की भी संपत्ति जब्त की गई है। ईडी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सट्टेबाजी ऐप से जुड़ा धनशोधन का यह मामला एक हजार करोड़ से अधिक का हो सकता है। अब तक की जांच में साफ हुआ है कि लेन-देन के लिए छह हजार से ज्यादा फर्जी खातों का इस्तेमाल किया गया। लेन-देन कई स्तरों पर किया गया, ताकि यह वैध लगे। विदेशी कंपनियों के जरिए रकम भारतीय खातों में भेजी गई, ताकि यह विज्ञापन की रकम प्रतीत हो। पूर्व सांसद पर कार्रवाई के बाद इस मामले में जांच का दायरा राजनीतिक दलों की ओर बढ़ने के आसार बन गए हैं। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में कई और लोगों से पूछताछ की जा सकती है। इनमें बॉलीवुड और क्रिकेट से जुड़ी हस्तियां तो होंगी ही, कई राजनीतिक चेहरे भी शामिल हो सकते हैं। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह भी साफ हुआ है कि संबंधित ऐप (1एक्स-बेट) भारत में बिना किसी अनुमति के चल रहा था। यह ऐप कैरीबियन द्वीप के देश कुराकाओ में पंजीकृत है। सोशल मीडिया, ऑनलाइन वीडियो और प्रिंट मीडिया पर विज्ञापन के जरिए ऐप संचालकों ने भारतीय उपभोक्ताओं को लक्ष्य बनाया। ईडी की जांच में बताया गया है कि ऐप संचालकों ने अपने प्रचार के लिए ‘सरोगेट ब्रांडिंग’ का इस्तेमाल किया। यह विज्ञापन का ऐसा तरीका है, जिसमें किसी प्रतिबंधित उत्पाद या सेवा के बारे में अप्रत्यक्ष तरीके से जानकारी दी जाती है। यानी विज्ञापन में बात कुछ और होती है, लेकिन उपभोक्ता मूल उत्पाद या सेवा से ही जुड़ता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, भारत में ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लागू होने से पहले विभिन्न ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप पर 22 करोड़ से अधिक भारतीय यूजर्स जुड़े हुए थे। इनमें से आधे यानी 11 करोड़ से अधिक लोग इन ऐप के नियमित उपभोक्ता थे।

 

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