केवि में शास्त्रीय संगीत और कलाकृतियों से छात्रों ने बांधा समा
संकुल स्तरीय दो दिवसीय प्रतियोगिता का भव्य समापन
वाराणसी, राजेंद्र तिवारी। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय 39 जीटीसी में आयोजित संकुल स्तरीय दो दिवसीय कला उत्सव प्रतियोगिता का समापन मंगलवार को उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हो गया। इस प्रतियोगिता में पांच जिलों के छह केंद्रीय विद्यालयों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने अपनी कला, शास्त्रीय संगीत और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया।

कला उत्सव के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों ने शास्त्रीय संगीत में एकल गायन और सामाजिक विज्ञान से प्रेरित कलाकृतियों के निर्माण में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
कार्यक्रम को शुभारंभ करते हुए स्कूल प्राचार्य डॉ. चंद्रभूषण प्रकाश वर्मा ने कहा कि यह कला उत्सव न केवल छात्रों की प्रतिभा को निखारने का एक मंच है, बल्कि यह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने का एक सशक्त माध्यम भी है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है। यहां उपस्थित प्रत्येक छात्र ने अपनी कला और संगीत के माध्यम से भारत की विविधता में एकता को प्रदर्शित किया है। यह आयोजन हमें यह सिखाता है कि कला और संस्कृति के माध्यम से हम न केवल अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी ला सकते हैं। इस आयोजन ने न केवल छात्रों की रचनात्मकता को मंच प्रदान किया, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और विविधता को भी रेखांकित किया।
प्रतियोगिता के अंतिम दिन मंगलवार को शास्त्रीय संगीत में एकल गायन की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों से आए छात्रों की प्रस्तुति में शास्त्रीय संगीत की गहराई और बारीकियां स्पष्ट रूप से झलक रही थीं। कुछ छात्रों ने अपनी प्रस्तुति में तबला और हारमोनियम के साथ संगत भी की, जिसने उनके प्रदर्शन को और प्रभावशाली बनाया। वहीं सामाजिक विज्ञान से प्रेरित कलाकृतियों के निर्माण में भी छात्रों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। प्रतियोगिता में निर्धारित समय के भीतर बनाई गईं ये कलाकृतियां सामाजिक मुद्दों, भारतीय संस्कृति और ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित थीं। गौरतलब है कि सोमवार को प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ था।
