वाशिंगटन। अमेरिका-रूस के बीच परमाणु हथियारों की होड़ को सीमित करने के लिए 16 साल पहले हुई न्यू स्टार्ट संधि आज (गुरुवार) को खत्म हो रही है। इससे वैश्विक खतरा बढ़ सकता है। पोप लियो ने भी अमेरिका और रूस से अपील की है है कि इस समझौते को खत्म होने से बचाया जाना चाहिए. उन्होंने डर और अविश्वास की राजनीति छोड़कर साझा भलाई की सोच अपनाने की जरूरत पर जोर दिया।
अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियार नियंत्रण के लिए हुई न्यू स्टार्ट संधि आखिरी है। अगर दोनों इसे आगे नहीं बढ़ाते तो 50 में ऐसा पहली बार होगा जब दोनों परमाणु ताकतों पर किसी तरह की कोई कानूनी रोक नहीं होगी। ये संधि ऐसे समय खत्म हो रही है, जब रूस-यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ रहा है और रूस कई बार परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे चुका है। इस संधि के खत्म होने पर रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने राष्ट्रपति पुतिन का इरादा जिम्मेदारी से काम करने का है। क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से वार्ता के दौरान भी पुतिन ने यहीं बात कही है। बता दें कि पुतिन ने सितंबर में समझौते को एक साल के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा था कि ये अच्छा विचार है, हालांकि इस आगे बढ़ाने को लेकर रूस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी। ट्रंप ने बीते महीने कहा था कि अगर न्यू स्टार्ट खत्म भी होता है, तो वह इससे बेहतर समझौता करेंगे।
