नई दिल्ली, नीलू सिंह। भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह रूस से कच्चे तेल की खरीद पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने संबंधी प्रस्तावित अमेरिकी विधेयक से संबंधित घटनाक्रम पर करीब से नजर रखे हुए है। वहीं भारत ने यह भी साफ किया कि सिंधु जल संधि निलंबित है और सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के रुख में बदलाव नहीं होने तक निलंबित ही रहेगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने अपनी साप्ताहिक ब्रीफिंग में कहा कि हमें प्रस्तावित विधेयक की जानकारी है। हम घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि ऊर्जा स्रोतों के व्यापक प्रश्न पर हमारा रुख सर्वविदित है। भारत का ऊर्जा निर्णय हमेशा ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों के अनुसार होता है। हम वैश्विक बाजार की बदलती गतिशीलता और अपनी 1.4 अरब आबादी की ऊर्जा सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न स्रोतों से सस्ती ऊर्जा प्राप्त करने की अनिवार्यता से निर्देशित हैं। वहीं भारत ने साफ किया कि सिंधु जल संधि निलंबित है और सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के रुख में बदलाव नहीं होने तक निलंबित ही रहेगी।
जैसवाल ने कहा ,सिंधु जल संधि पर भारत अपनी स्थिति कई बार स्पष्ट कर चुका है। दिल्ली में तुर्कमान गेट क्षेत्र में अवैध कब्जा हटाए जाने के बारे में पाकिस्तान की टिप्पणी को खारिज करते हुए जैसवाल ने कहा कि पहले पाकिस्तान को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि वह अल्पसंख्यकों के साथ खुद किस तरह का व्यवहार कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के मिनियापोलिस में एक संघीय आव्रजन अधिकारी द्वारा एक महिला की हत्या किये जाने पर चिंता जताई। जैसवाल ने कहा, हम चिंतित हैं क्योंकि अमेरिका में भारतीय समुदाय की अच्छी-खासी आबादी है जिनमें छात्र, पेशेवर और अन्य लोग शामिल हैं।
