महिला महाविद्यालय हल्द्वानी में नमामि गंगे के अंतर्गत स्वच्छता संकल्प पर संगोष्ठी का आयोजन

उत्तराखंड लाइव नैनीताल

महिला महाविद्यालय हल्द्वानी में नमामि गंगे के अंतर्गत स्वच्छता संकल्प पर संगोष्ठी का आयोजन

 

आज दिनांक 26 फरवरी 2026 को महिला महाविद्यालय हल्द्वानी में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत स्वच्छता संकल्प विषय पर एक विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य छात्राओं में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नदी संरक्षण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. आभा शर्मा ने की तथा उन्होंने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किये।

प्राचार्य प्रो. आभा शर्मा ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि स्वच्छता भारतीय संस्कृति की मूल भावना रही है, जिसका उल्लेख हमारे वेदों, पुराणों और धर्मग्रंथों में स्पष्ट रूप से मिलता है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में नदियों, जलस्रोतों, घर-आंगन और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता को जीवन का अनिवार्य हिस्सा माना जाता था। स्वच्छता केवल बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक पवित्रता और अनुशासन से भी जुड़ी हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि आज जब पर्यावरण प्रदूषण और जल संकट जैसी समस्याएं गंभीर रूप ले चुकी हैं, तब नमामि गंगे जैसे अभियान हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए आधुनिक जिम्मेदारियों का बोध कराते हैं। छात्राएं समाज की संवाहक हैं और यदि वे स्वच्छता को अपने व्यवहार और दिनचर्या में अपनाती हैं, तो इसका व्यापक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। प्राचार्य ने छात्राओं से आग्रह किया कि वे स्वच्छता को केवल एक दिन का संकल्प न मानें, बल्कि इसे जीवन भर निभाने वाला दायित्व समझें।

नोडल अधिकारी डॉ. रितुराज पंत ने नमामि गंगे कार्यक्रम की पृष्ठभूमि और उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि गंगा नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक पहचान है। गंगा की स्वच्छता और अविरलता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता संकल्प का वास्तविक अर्थ तभी सिद्ध होगा, जब हम अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे लेकिन ठोस कदम उठाएं। जैसे प्लास्टिक के उपयोग में कमी, कचरे का सही निस्तारण, जल का संयमित प्रयोग और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखना। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने परिवार, मोहल्ले और समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाएं और स्वयं उदाहरण बनें।

डॉ. पंत ने यह भी कहा कि युवा वर्ग की भागीदारी के बिना किसी भी राष्ट्रीय अभियान की सफलता संभव नहीं है। महाविद्यालय स्तर पर इस प्रकार की संगोष्ठियां छात्राओं को न केवल जानकारी देती हैं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित भी करती हैं। उन्होंने ने बताया कि आगामी दिवसों में स्कूल सहित आमजन को जोड़ते हुए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. गीता पंत द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. रेखा जोशी, डॉ. हिमानी, डॉ. प्रभा साह, डॉ. दिनेश जोशी, डॉ. फकीर सिंह सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

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