हल्द्वानी, गौरव जोशी। कुमाऊं में शनिवार रात की बारिश ने जमकर तबाही मचाई। इसके चलते एक ओर जहां नदी नाले उफना गए, वहीं भूस्खलन और मलबा आने से करीब 24 सडकें बंद हो गईं। मंडल में सबसे ज्यादा 78 एमएम बारिश कपकोट और दुग-नाकुरी में जबकि 53 एमएम हल्द्वानी में हुई। पिथौरागढ़ में बारिश के बाद हुए भूस्खलन से 24 सड़कें बंद हो गईं। जिसमें से 14 सड़कों को खोल दिया गया। मुनस्यारी में बारिश से एक घर की छत क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि परिवार के सभी लोग सुरक्षित रहे। यहां काली नदी का जलस्तर चेतावनी लेवल 889 मीटर से नीचे है। चम्पावत में तीन आंतरिक मोटर मार्ग बाधित रहे। चम्पावत में 24 घंटे में 32 एमएम बारिश हुई। अल्मोड़ा में बारिश के चलते 14 सड़कों पर यातायात ठप रहा। कपकोट तहसील के सुखचौना नामतीचेटाबगड़ में मकान और एक व्यक्ति का आंगन टूट गया। कांडा के सानीउडियार के उपराड़ा में मकान गिर गया। बारिश के बाद सरयू उफान पर आ गईं। इससे नगर के कुछ हिस्से में पेजयल आपूर्ति ठप रही और करीब 18 गांव में बिजली गुल रही। हल्द्वानी में बारिश के बाद कई जगह पेड़ गिर गए और एक बिजली का पोल टूट गया। इससे दस घंटों तक बिजली सप्लाई बाधित रही और पानी भी नहीं आया। देवखड़ी और रकसिया नाला एक बार फिर से परेशानी का कारण बने। इलाके की वहीं कॉलोनियों और बाजार में पानी और मलबा जमा होने से रविवार को भी दिन भर परेशानी रही।
