देहरादून का एसपी बनकर रिक्शा चालक से 14 हजार की ठगी

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हल्द्वानी, गौरव जोशी।
साइबर ठगों ने अब गरीब मजदूरों और रिक्शा चालकों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला हल्द्वानी का है, जहां एक रिक्शा चालक को फोन पर खुद को देहरादून का एसपी बताकर धमकाया गया और उससे 14 हजार रुपये ऐंठ लिए गए। पीड़ित ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।

बिहार से आकर हल्द्वानी में चला रहा है रिक्शा
मूल रूप से बिहार के बेतिया जिले का रहने वाला नरेश कुमार पिछले कई वर्षों से हल्द्वानी में रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। उसका परिवार अब भी बिहार में ही रहता है। रोज़मर्रा की कमाई से जीवन यापन करने वाले नरेश के साथ जो कुछ हुआ, उसने उसकी कमर ही तोड़ दी।

एसपी बनकर दी धमकी, कहा—‘एफआईआर दर्ज कर दूँगा’
पीड़ित नरेश ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रविवार सुबह करीब 10 बजे उसके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को देहरादून का एसपी बताते हुए उस पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो देखने का आरोप लगाया। आरोपी ने धमकाते हुए कहा कि उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और जेल भेजा जाएगा।

डर के साए में रिक्शे वाले ने भेजे 14 हजार
अचानक आरोप और पुलिस कार्रवाई की धमकी से घबराए नरेश को लगा कि उसकी रोज़ी-रोटी ही छिन जाएगी। इस पर कॉलर ने उसे समझाया कि अगर वह कुछ धनराशि भेज देगा तो मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा। भयभीत नरेश कोतवाली के पास एक दुकान में गया और वहां कारोबारी के मोबाइल फोन से दो किस्तों में 14 हजार रुपये ठग को भेज दिए।

जब समझ आया, तब तक जेब खाली हो चुकी थी
धोखेबाज ने दूसरी बार फिर कॉल किया तो नरेश को शक हुआ और उसे ठगी का अहसास हुआ। तब जाकर उसने हिम्मत जुटाई और कोतवाली पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना बताई।

पुलिस की कार्रवाई
कोतवाल राजेश यादव ने बताया कि मामले की तहरीर मिल चुकी है। पीड़ित द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर और लेन-देन की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है और जल्द ही ठगों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।

बढ़ती साइबर ठगी पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि जब पढ़े-लिखे और जागरूक लोग तक साइबर अपराधियों के जाल में फंस जाते हैं, तो मेहनत-मजदूरी करने वाले, अशिक्षित लोग कैसे इनसे बच पाएंगे? विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधियों की सबसे बड़ी ताकत लोगों का डर और असमंजस है।

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