म्यूनिख। शोधकर्ता बिना ड्राइवर के चलने वाली कारों को एआई और माइक्रोफोन के माध्यम से सुनना सिखा रहे हैं। ये कार अब सिर्फ देखती नहीं, बल्कि सुनकर और महसूस करके निर्णय भी ले सकती है। इन कारों को जर्मनी के फ्रौनहोफर इंस्टीट्यूट फॉर डिजिटल मीडिया टेक्नोलॉजी (आईडीएमटी) द्वारा तैयार की जा रही हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि अब कारों को सिर्फ देखने की बजाय सुनने की क्षमता भी देने की कोशिश की जा रही है। इसे ध्वनि एआई कहते हैं। ये कारें सुन भी सकती हैं। माइक्रोफोन और एआई की मदद से कार सड़क की आवाजों को पहचान सकती हैं। एम्बुलेंस का सायरन, लोगों की बातें, हॉर्न या कोई चेतावनी आवाज को ये सुनने में सक्षम हैं।
हर हिस्सा नहीं दिखता : इन कारों में कैमरा और राडार से कभी-कभी रास्ते का हर हिस्सा नहीं दिखता। आवाजें सुनकर कार को पता चलता है कि किसी कोने या भीड़ में क्या हो रहा है। ये खासतौर पर बिना ड्राइवर की कारों के लिए बहुत जरूरी है। वहीं, ये कार ड्राइवर के स्वास्थ्य पर भी नजर रख सकते हैं। हृदय गति, सांस, मस्तिष्क की गतिविधि, तनाव या थकान पर ध्यान दिया जा सकता है। एआई के जरिए जरूरत पड़ने पर चेतावनी भी दी जा सकती है। यह तकनीक भविष्य में ड्राइवर असिस्टेंस और बिना ड्राइवर के ड्राइविंग को बहुत सुरक्षित और स्मार्ट बनाएगी।
