उत्तराखंड में माध्यमिक स्कूलों में अब बीईओ लेंगे प्रधानाचार्य का प्रभार

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देहरादून, गौरव जोशी। राज्य के कई इंटर कॉलेज और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक आंदोलन का असर गहराता जा रहा है। प्रधानाचार्य पद पर सीधी भर्ती के विरोध में आंदोलनरत राजकीय शिक्षक संघ की अपील के बाद बड़ी संख्या में प्रभारी प्रधानाचार्यों ने कार्यभार छोड़ दिया है। परिणामस्वरूप स्कूलों में प्रशासनिक संकट खड़ा हो गया है। इस असामान्य स्थिति से निपटने के लिए शिक्षा विभाग ने अब ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (BEO) को सीधे तौर पर स्कूलों की कमान सौंपने का फैसला लिया है। पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी क्षेत्र के राजकीय इंटर कॉलेज खतेड़ा में हाल ही में विवाद तब बढ़ा, जब प्रधानाचार्य का चार्ज एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को सौंप दिया गया। इस कदम ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए थे। मामला सामने आने पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने जांच बैठा दी और तुरंत हस्तक्षेप करते हुए निर्देश दिया कि ऐसी परिस्थितियों में खंड शिक्षा अधिकारी स्वयं प्रधानाचार्य का प्रभार संभालेंगे। शिक्षक संघ 18 अगस्त से सीधी भर्ती नीति के विरोध में आंदोलनरत है। संगठन ने सभी प्रभारी प्रधानाचार्यों से पदभार छोड़ने का आह्वान किया था, जिसके बाद कई विद्यालयों में शिक्षकों ने चार्ज वापस कर दिया। कई स्कूलों में तो अन्य शिक्षक भी यह जिम्मेदारी उठाने के लिए आगे नहीं आए। ऐसे हालात में विभागीय व्यवस्था चरमराने लगी, जिसे संभालने के लिए अब खंड शिक्षा अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। डॉ. सती का कहना है कि राज्यभर में जहां-जहां प्रभार खाली हो चुका है, वहां के बीईओ स्वयं स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी लेंगे, ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो और छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो।

 

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