फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस के लिए बढ़ेंगे करीब 20 हजार जवान

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नई दिल्ली। भारत- पाकिस्तान तनाव के बीच भारत अपनी फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस और निगरानी क्षमता को और मजबूत करेगा। इस कड़ी में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रात-दिन निगरानी करने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में आने वाले दिनों में करीब 20 हजार अतिरिक्त जवानों की बढ़ोतरी हो सकती है।
शीर्ष स्तर के सूत्रों ने कहा कि 16 बटालियन और दो सेक्टर का प्रस्ताव सैद्धांतिक मंजूरी के साथ आगे बढ़ाया जा चुका है। यह कागऔप एडवांस स्टेज पर है। वित्तीय प्रावधानों के साथ इसकी चरणबद्ध घोषणा की जाएगी। बीएसएफ को अंदरूनी स्तर पर अपनी क्षमताओं को बढ़ाने को कह दिया गया है। निगरानी क्षमता और एंटीड्रोन तकनीक को भी ज्यादा मजबूती देते हुए गैप को भरने पर जोर होगा। साथ ही सीमा पर बीओपी (सीमा चौकियों) को मजबूत बनाने के साथ ज्यादा संख्या में बंकर भी बनाये जाएंगे। एक अधिकारी ने कहा कि हमारा एयर डिफेंस सिस्टम काफी मजबूत है लेकिन बड़ी सीमा होने के कारण कुछ गैप हो सकते हैं। इन्हें कैसे भरना है इसपर भी काम किया जाएगा। सूत्रों ने कहा, सीमा पर तनाव के पहले भी पाक की ओर से सर्विलांस ड्रोन, हथियार और ड्रग्स के साथ ड्रोन भेजे जाते रहे हैं जिसे बीएसएफ विफल करती रही है। लेकिन इस बार बड़ी संख्या में एक साथ 400-500 की संख्या में ड्रोन भेजे गए। एक साथ जब बड़ी संख्या में ड्रोन आते हैं तो सबको एक साथ ट्रैक करना कई बार मुश्किल होता है। सुरक्षा रणनीति के लिहाज से पाकिस्तान की इस रणनीति को भी ध्यान में रखकर एंटी ड्रोन सिस्टम मजबूत किया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि मौजूदा तनाव के बाद बीएसएफ ने तय किया है कि वह सीमा पर अपनी ताकत बनाए रखने के साथ आंतरिक तैयारियों को मजबूत करेगा जिससे भविष्य में दुश्मन कोई दुस्साहस नहीं कर सके। सूत्रों ने कहा कि जम्मू सीमा काफी अलार्मिंग बन गई है। इस सीमा के जरिए आतंकियों की घुसपैठ के प्रयास देखने को मिले हैं। सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां मान रही हैं कि अभी अगर तनाव पूरी तरह खत्म हो जाता है तो भी हमें अपनी व्यापक तैयारी रखनी होगी, क्योंकि पाक की तरफ से आतंकी गतिविधियां की चुनौती बनी रहेगी। भारत सरकार अब यह फैसला कर चुकी है कि आतंक की किसी भी कार्रवाई को युद्ध मानकर जवाब दिया जाएगा। इसलिए अब ज्यादा प्रभावी जवाब की तैयारी हर स्तर पर रखनी होगी। उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि अभी सीजफायर को लेकर समझ बनी है लेकिन सीमाओं पर अभी पूरी तरह तनाव खत्म नहीं हुआ है। इसलिए सतर्कता लगातार बरती जा रही।

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