राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर केवि में विज्ञान और नवाचार का उत्सव
वाराणसी। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय 39 जीटीसी में शुक्रवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। भारत रत्न डॉ. सीवी रमन के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंद्र भूषण प्रकाश वर्मा ने नवाचार और अनुसंधान के लिए वैज्ञानिक सोच विकसित करना जरूरी है। उन्होंने छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए शिक्षकों को प्रेरित भी किया। उन्होंन कहा कि आज के छात्र कल के वैज्ञानिक होंगे, हमें उन्हें प्रयोग करने, सोचने और नवाचार करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
केंद्रीय विद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पूरे उत्साह और वैज्ञानिक चेतना के साथ मनाया गया। विद्यालय में विज्ञान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखें। साथ ही देश में दुनिया में हो रहे नाचार पर मंथन किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत रत्न वैज्ञानिक डॉ. सी. वी. रमन के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंद्र भूषण प्रकाश वर्मा ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. रमन की ऐतिहासिक खोज ‘रमन प्रभाव’ की विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि डॉ. रमन की यह खोज न केवल भारत के लिए गौरव का विषय बनी, बल्कि भौतिकी के क्षेत्र में एक नया आयाम जोड़ने में सहायक रही। उन्होंने छात्रों को विज्ञान के क्षेत्र में रचनात्मकता और अनुसंधान की प्रवृत्ति विकसित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही शिक्षकों को भी विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में योगदान देने का आह्वान किया।
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उन्होंने विज्ञान प्रदर्शनी, पोस्टर प्रतियोगिता, मॉडल प्रेजेंटेशन, विज्ञान क्विज़ और निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन करने और प्रदर्शनी के माध्यम से रोबोटिक्स, सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और ग्रीन एनर्जी जैसे विषयों के प्रति छात्रों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों के बनाए मॉडलों से पर्यावरण संरक्षण और विज्ञान के आधुनिक उपयोग को लेकर उनकी अन्वेषणशीलता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बारे में जानकारी मिलती है। इस दौरान विज्ञान के शिक्षकों ने भी इस दिन की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि यह नई खोजों और तकनीकी विकास की दिशा में विद्यार्थियों को प्रेरित करने का एक अवसर भी है। भारत सरकार की ओर से विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी योजनाओं को लागू किया गया है, जिससे युवा वैज्ञानिकों को नए अवसर मिल रहे हैं। विद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की, ताकि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना को और अधिक प्रोत्साहित किया जा सके।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के बारे में जानें
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर वर्ष 28 फरवरी को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य समाज में विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और विद्यार्थियों को अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रेरित करना है। वर्ष 1928 में इसी दिन भारतीय वैज्ञानिक डॉ. सी. वी. रमन ने अपनी ऐतिहासिक खोज ‘रमन प्रभाव’ की घोषणा की थी, जिसके लिए उन्हें वर्ष 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला था।