नई दिल्ली, देव कुमार।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को फसल विविधीकरण के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत लगभग 24,000 करोड़ की लागत से देशभर के 100 जिलों में कृषि उत्पादकता और टिकाऊ खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर उनके 18 दिवसीय ऐतिहासिक मिशन की सफल समाप्ति पर शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक सर्वसम्मत संकल्प पारित किया गया, जिसमें इस मिशन को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का एक नया अध्याय बताया गया।
रेल, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना चालू वित्त वर्ष से ही शुरू की जा रही है। इस योजना में उन जिलों को शामिल किया जा रहा, जहां कृषि उपज कम और खेती पिछड़ी है और जो ऋण वितरण के मामले में औसत ने नीचे हैं।
वैष्णव ने कहा कि योजना हर राज्य में कम से कम एक जिले के साथ शुरू की जाएगी। इस कृषि प्रोत्साहन योजना से करीब 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस योजना में इस समय 11 मंत्रालयों द्वारा चलाई जा रहीं 36 योजनाओं को जोड़ा जा रहा है। इस पर प्रति वर्ष 24,000 करोड़ रुपये खर्च होगा। मंत्री ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना है। वैष्णव ने बताया कि प्रत्येक धन-धान्य जिले में योजना की प्रगति की निगरानी मासिक आधार पर की जाएगी। नीति आयोग जिला योजनाओं की समीक्षा और मार्गदर्शन भी करेगा। इसके अतिरक्ति, प्रत्येक जिले के लिए नियुक्त केंद्रीय नोडल अधिकारी भी नियमित आधार पर योजना की समीक्षा करेंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद अंतरिक्ष कार्यक्रम से संबंधित संकल्प को पढ़ते हुए कहा, कैबिनेट मिशन के सफल समापन के बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की वापसी का पूरे देश के साथ मिलकर उत्सव मनाता है। संकल्प में कहा गया कि शुक्ला की यह यात्रा भारत के लिए गर्व, गौरव और प्रेरणा का क्षण है, जो देश की असीम आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है। गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना के अधिकारी ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन के तहत तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए थे। मिशन की कुल अवधि 20 दिन रही, जिसमें से 18 दिन उन्होंने आईएसएस पर बिताए। आईएसएस पर रहते हुए ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ मिलकर कई वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम दिया। यह भारत की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग में बढ़ती भूमिका का स्पष्ट संकेतक है। बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि ‘धन-धान्य कृषि योजना’ पिछड़े जिलों में कृषि उत्पादन को बढ़ावा देगी और किसानों की आय बढ़ाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार किसानों के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘हम अपने किसान भाई-बहनों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। इसी दिशा में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी गई है। इससे कृषि क्षेत्र में पीछे रह गए जिलों में फसलों का उत्पादन बढ़ने के साथ ही अन्नदाताओं की आमदनी भी बढ़ेगी।’
