मनप्रीत विवाद पर हॉकी इंडिया बनाम कोच फुल्टन, इस्तीफे तक पहुंचा मामला

स्पोर्ट्स

 

नई दिल्ली।
भारतीय हॉकी में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है, जहां अनुभवी मिडफील्डर और पूर्व कप्तान मनप्रीत सिंह को अनुशासनहीनता के आधार पर संभावित खिलाड़ियों की कोर सूची से बाहर किए जाने पर मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस फैसले से आहत फुल्टन इस्तीफा देने तक को तैयार हो गए थे, लेकिन हॉकी इंडिया के शीर्ष अधिकारियों के समझाने के बाद उन्होंने पद पर बने रहने का फैसला किया। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, राउरकेला में एक से सात फरवरी तक आयोजित होने वाले 33 कोर संभावित खिलाड़ियों के शिविर से मनप्रीत सिंह को बाहर किए जाने के पीछे ‘बाहरी हस्तक्षेप’ था, जिसे फुल्टन ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया। बताया गया है कि दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान नशीली दवा से जुड़े एक मामले में मनप्रीत का नाम सामने आया था। इसी आधार पर उन्हें संभावित खिलाड़ियों की सूची से बाहर कर दिया गया, जो पिछले 15 वर्षों में पहली बार हुआ है। दो बार के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता के साथ ऐसा फैसला कई खिलाड़ियों और विशेषज्ञों को हैरान कर गया।

संभावित खिलाड़ियों के चयन को लेकर हुई अहम बैठक में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की, महासचिव भोला नाथ सिंह और मुख्य चयनकर्ता आरपी सिंह मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, तीनों ने सामूहिक रूप से मनप्रीत को कोर ग्रुप से बाहर रखने पर सहमति जताई, जिससे फुल्टन बेहद निराश हो गए। फुल्टन का मानना था कि मनप्रीत जैसे अनुभवी खिलाड़ी युवा हॉकी खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि टिर्की ने यह कहकर उनकी दलील खारिज कर दी कि युवा खिलाड़ी अन्य सीनियर खिलाड़ियों से भी सीख सकते हैं।

इस फैसले के बाद हॉकी इंडिया लीग के चेन्नई चरण के समाप्त होने के अगले ही दिन फुल्टन ने गुस्से में इस्तीफे की पेशकश कर दी। बाद में टिर्की और अन्य अधिकारियों के काफी समझाने पर फुल्टन ‘आराम’ वाले आधिकारिक बयान को स्वीकार करने के लिए राजी हुए। सूत्रों का कहना है कि फुल्टन ने मनप्रीत को कोर ग्रुप में बनाए रखने के लिए उनकी शानदार फिटनेस रिपोर्ट का हवाला दिया था। बताया जाता है कि 33 वर्षीय मनप्रीत कोर ग्रुप के चार सबसे फिट खिलाड़ियों में शामिल थे, इसके बावजूद चयनकर्ताओं का रुख नहीं बदला।

फुल्टन ने हाल ही में समाप्त हुई हॉकी इंडिया लीग के दौरान भी मनप्रीत की फिटनेस और फॉर्म की खुलकर तारीफ की थी। कोच की इच्छा है कि मनप्रीत कम से कम इस साल होने वाले एशियाई खेलों और विश्व कप तक टीम का हिस्सा बने रहें। अगस्त में विश्व कप और सितंबर में एशियाई खेल प्रस्तावित हैं, जहां फुल्टन के अनुसार मनप्रीत का अनुभव दबाव भरे मुकाबलों में टीम के बेहद काम आ सकता है।

वहीं हॉकी इंडिया महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा कि मनप्रीत ने स्वयं आराम की मांग की थी और इसकी जानकारी संगठन को दी थी। हॉकी इंडिया ने गुरुवार को जारी संभावित खिलाड़ियों की सूची में फॉरवर्ड दिलप्रीत सिंह और गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक को भी अनुशासनहीनता के कारण बाहर कर दिया, हालांकि आधिकारिक बयान में किसी उल्लंघन का स्पष्ट जिक्र नहीं किया गया।

गौरतलब है कि मनप्रीत सिंह हाल ही में रांची रॉयल्स की सह-कप्तानी करते हुए हॉकी इंडिया लीग के फाइनल तक पहुंचे थे और उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा। वह 412 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं और भारतीय हॉकी में सबसे ज्यादा मैच खेलने के दिलीप टिर्की के रिकॉर्ड की बराबरी से सिर्फ एक मैच दूर हैं। आगामी एफआईएच प्रो लीग का भारतीय चरण 10 से 15 फरवरी तक राउरकेला में खेला जाएगा, जहां भारत 11 फरवरी को अर्जेंटीना के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेलेगा।

 
 

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