सियोल। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के बीच बढ़ती सुरक्षा साझेदारी को गंभीर खतरा करार दिया है। उन्होंने अपने परमाणु कार्यक्रम को और मजबूती देने का संकल्प दोहराया है। सरकारी मीडिया में रविवार को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, किम का कहना है कि यह गठबंधन कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य असंतुलन पैदा कर रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।
‘नाटो’ जैसी सैन्य साजिश का आरोप
शनिवार को कोरियाई पीपुल्स आर्मी के 77वें स्थापना दिवस पर दिए गए भाषण में किम ने कहा कि अमेरिका एक क्षेत्रीय सैन्य संगठन बनाने की साजिश रच रहा है, जो ‘नाटो’ की तर्ज पर कार्य करेगा। उन्होंने इसे उत्तर कोरिया के लिए खतरा बताया और परमाणु शक्ति को और मजबूत करने की बात कही।
ट्रंप-किम संबंधों पर क्या बोले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति?
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह किम जोंग उन के साथ रिश्ते बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रयासों से कोरियाई प्रायद्वीप में युद्ध टला था। 23 जनवरी को एक साक्षात्कार के दौरान ट्रंप ने किम को एक “बुद्धिमान नेता” बताते हुए कहा कि वह धार्मिक कट्टरपंथी नहीं हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वह भविष्य में किम से फिर संपर्क कर सकते हैं। ट्रंप और किम 2018-19 में तीन बार मिले थे, जहां उन्होंने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने पर चर्चा की थी, लेकिन यह वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
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