तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता ने ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद करामी को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड का नया ग्राउंड फोर्स कमांडर नियुक्त किया है। यह एक अर्धसैनिक बल है, जो ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को नियंत्रित करता है। पिछले सप्ताह इजरायली हमलों में तेहरान में कई उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई थी। करामी मोहम्मद पाकपुर की जगह लेंगे, जिन्हें पिछले सप्ताह होसैन सलामी की हत्या के बाद गार्ड का नया कमांडर नियुक्त किया गया था। बता दें कि मोहम्मद करामी पर 2019 और 2022 के प्रदर्शनों में बर्बर दमन का आरोप है। उसे अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय यूनियन और ब्रिटेन की प्रतिबंध सूची में शामिल हैं। पश्चिमी देश करामी को मानवाधिकारों का हत्यारा मानते हैं। करामी को मार्च, 2019 में आईआरजीसी के कुद्स हेडक्वार्टर का कमांडर बनाया गया था, जो दक्षिण-पूर्वी ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान, और केरमान प्रांत में काम करता है। ये वही इलाके हैं, जो अक्सर सरकार विरोधी गतिविधियों और विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहे हैं। इब्राहिम रईसी की सरकार बनने के बाद करामी को सिस्तान और बलूचिस्तान का गवर्नर बना दिया गया था। इराक में ईरान समर्थित मुख्य मिलिशिया में से एक हरकत अल-नुजाबा ने धमकी दी है कि अगर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाया गया तो वे अमेरिकी नागरिकों पर हमला करेंगे। बयान में कहा गया कि खामेनेई पर हमला किया गया तो अमेरिका के सैनिक, राजनयिक और नागरिकों में कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा। बता दें, इराकी मिलिशिया ने अब तक संघर्ष में अपनी पकड़ बनाए रखी है। पश्चिमी इराक में अमेरिकी सैनिकों के लिए ऐन अल-असद बेस पर लॉन्च किए गए तीन ड्रोन को शुक्रवार को कथित तौर पर मार गिराया गया, जब इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू कर दिए। बेस पर हुए हमले की जिम्मेदारी किसी समूह ने नहीं ली है।
